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जर्मन चुनाव

रात भर विधानसभा में रहे विपक्षी सदस्य

कर्नाटक में अवैध खनन तो नहीं रुका है, लेकिन इसके नाम पर विधानसभा का कामकाज जरूर प्रभावित हो रहा है. विपक्षी दलों के सदस्य रात भर से विधानसभा के अंदर धरने पर बैठे हैं. कार्यवाही को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.

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विवादों में येदियुरप्पा

कर्नाटक में विपक्षी दलों के विधायक और एमएलसी सोमवार रात भर विधानसभा में मौजूद रहे. ऐसा नहीं था कि ये लोग वहां किसी काम के सिलसिले में रुके रहे. असल में ये लोग धरने पर हैं और यह धरना सोमवार से लगातार जारी है.

विपक्षी कांग्रेस और जेडीएस के एमएलए और एमएलसी मांग कर रहे हैं कि राज्य में माइनिंग घोटाले की जांच सीबीआई से कराई जाए. इसी मांग के लिए दबाव बढ़ाने की खातिर ये लोग मैराथन धरने पर बैठे हैं. सोमवार को इन्होंने हेलमेट पहनकर प्रदर्शन भी किया.

सुबह टहलने के लिए विधानसभा से बाहर आए विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कहा कि यह एक मोटी चम़ड़ी वाली सरकार है. उन्होंने आरोप लगाया कि येदियुरप्पा की सरकार अवैध खनन में शामिल है. उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री खुद मान चुके हैं कि माइनिंग के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का घोटाला हुआ, तो भी वह ऐसी गतविधियों पर रोक क्यों नहीं लगा पा रहे हैं.

सिद्धारमैया ने कहा कि जो लोग अवैध खनन में शामिल हैं वे मुख्यमंत्री कैबिनेट में हैं और वह खुद उन्हें बचा रहे हैं.

इस बीच, कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने दिल्ली में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री येदुयुरप्पा से उन्होंने सख्त कार्रवाई करने को कहा है.

उधर मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा है कि वह अगर राज्य के कुदरती संसाधनों की रक्षा नहीं कर पाए तो इस्तीफा दे देंगे. विधानसभा में एक चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि सिर्फ 2009-10 में ही 71 लाख टन कच्चा लोहा राज्य से बाहर अवैध रूप से भेजा गया. उन्होंने कहा कि अलग अलग राजनीतिक दलों के कुछ नेता अवैध खनन में शामिल हैं और अब केंद्र को इस मामले में दखल करना होगा. उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री से मिलने वाले डेलिगेशन में शामिल हो जाएं.

रिपोर्टः एजेंसिया/वी कुमार

संपादनः ए जमाल