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ताना बाना

राजीव गांधी ने नहीं भगाया एंडरसन को !

कांग्रेस ने इस बात से इनकार किया है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भोपाल कांड के मुख्य आरोपी वॉरेन एंडरसन को देश छोड़ने के लिए रास्ता दिया था. यूनियन कार्बाइड मामले में फैसले के बाद कांग्रेस भी दबाव में है.

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राजीव नहीं ज़िम्मेदार

कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम इस विवाद से अलग करने की कोशिश शुरू कर दी है. वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और आरके धवन का कहना है कि यह केंद्र सरकार का मामला ही नहीं था और मध्य प्रदेश के उस वक्त के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह को ही इस पर चुप्पी तोड़नी चाहिए.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके दिग्विजय सिंह ने इस मामले में कहा कि उन्हें ज्यादा कुछ जानकारी नहीं है क्योंकि उन्होंने राज्य के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार में जुट गए थे.

दिग्विजय सिंह ने अमेरिका से ईमेल पर पीटीआई को बताया कि हादसे के फौरन बाद राजीव गांधी चुनाव प्रचार छोड़ कर भोपाल पहुंच गए थे और वहां उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की थी. दिग्विजय सिंह ने कहा, "भारत सरकार ने उस वक्त राज्य सरकार को सभी संभव मदद किया था." दिग्विजय सिंह के मुताबिक

Warren Anderson

कैसे भागा एंडरसन?

एंडरसन मामले पर उठे सवाल का जवाब सिर्फ अर्जुन सिंह ही दे सकते हैं. अर्जुन सिंह 1984 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. लेकिन पिछले दो दिनों से उन्होंने इस मुद्दे पर मुंह नहीं खोला है.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राजीव गांधी के निजी सचिव रह चुके आरके धवन ने भी कहा कि अर्जुन सिंह ही इस बारे में बता सकते हैं कि आरोपी होने के बाद भी वॉरेन एंडरसन देश छोड़ कर भागने में कैसे सफल रहा. धवन ने इस बात से इनकार किया कि राजीव गांधी ने इस मामले में उस वक्त मध्य प्रदेश के सीएम अर्जुन सिंह को फोन किया था. धवन का कहना है, "ऐसा लगता है कि यह फैसला उस वक्त की राज्य सरकार ने ही किया."

लेकिन राजीव गांधी पूरी तरह बेदाग नहीं साबित हो पा रहे हैं. उनके प्रमुख सचिव रह चुके पीसी एलेक्जेंडर का मानना है कि यह फैसला पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी लिया हो सकता है.

Unglück in Indien Bhopal

यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री

एलेक्जेंडर कहते हैं, "अगर आप इसे दूसरी तरह से लेना चाहें तो ले सकते हैं. जाहिर है कि अगर प्रधानमंत्री हैं, तो आखिरी फैसला वही लेंगे या फिर वह उस फैसले से राजी होंगे, जो किसी और ने लिया हो."

हालांकि एलेक्जेंडर ने कहा कि भोपाल कांड पर हुई बैठक में एंडरसन के नाम का जिक्र नहीं हुआ था. तमिलनाडु के राज्यपाल रह चुके एलेक्जेंडर ने बताया कि वह एक कैबिनेट की बैठक थी, फिर भी उसमें अर्जुन सिंह को शामिल किया गया. कैबिनेट बैठक में किसी राज्य का मुख्यमंत्री शामिल नहीं होता.

कुल मिला कर वरिष्ठ कांग्रेस नेता अर्जुन सिंह पर दबाव बढ़ता जा रहा है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस मामले में अर्जुन सिंह से सफाई मांगी है कि वे बताएं कि वॉरेन एंडरसन देश छोड़ने में कैसे सफल हो गया.

रिपोर्टः पीटीआई/ए जमाल

संपादनः एम गोपालकृष्णन

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