1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

जर्मन चुनाव

राजनीति में कौन कौन सी फिल्मी हस्तियां

एक क्षेत्र में कामयाबी दूसरे क्षेत्र में सफलता की गारंटी नहीं. यही बात बॉलीवुड के अभिनेताओं पर भी लागू होती है, जो लोकप्रियता के बावजूद राजनीति में नाम नहीं कमा पाए. लेकिन लोकसभा में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ रहा है.

16 वें लोकसभा चुनाव में बॉलीवुड के कई सितारे संसद तक पहुंचने में सफल हुए है. इनमें शत्रुघ्न सिंहा, विनोद खन्ना, हेमा मालिनी, परेश रावल, किरण खेर, बाबुल सुप्रियो, मनोज तिवारी, चिराग पासवान और मुनमुन सेन शामिल हैं. इन सबके साथ ही बंगला फिल्मों के मशहूर कलाकार तापस पॉल देव, शताब्दी राय और संध्या राय ने भी तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता है.

शत्रुघ्न सिंहा ने भाजपा के टिकट पर पटनासाहिब, विनोद खन्ना ने गुरदासपुर, हेमा मालिनी ने मथुरा, परेश रावल ने अहमदाबाद पूर्व, किरण खेर ने चंडीगढ़, बाबुल सुप्रियो ने आसनसोल और मनोज तिवारी ने उत्तर पूर्वी दिल्ली से संसद पहुंचने में सफलता हासिल की है जबकि मुनमुन सेन ने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर बाकुरा और चिराग पासवान ने लोजपा के टिकट पर जमुई(सु) से जीत हासिल की है.

पहले भी बॉलीवुड सितारों ने लोकसभा में विभिन्न पार्टियों का प्रतिनिधित्व किया है. इनमें सुनील दत्त, राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, शत्रुघ्न सिंहा, विनोद खन्ना, राज बब्बर, जयाप्रदा और गोविंदा आदि प्रमुख हैं.

सुपरस्टार राजेश खन्ना

सुनील दत्त अपनी पत्नी नरगिस की असमय मृत्यु के बाद सक्रिय राजनीति में उतरे. उन्होंने 1984 में मुंबई उत्तर पश्चिम सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा में प्रवेश किया था. वह इस सीट पर 2004 तक लगातार चुने गए. बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन राजनीति के क्षेत्र में 1984 से 1987 तक रहे. उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर इलाहाबाद लोकसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा को हराया था. हालांकि उन्हें राजनीति खास रास नहीं आई और बीच सत्र में ही इस्तीफा दे दिया.

बीते जमाने की जानीमानी अभिनेत्री वैजयंती माला ने 1984 और 1989 में कांग्रेस के टिकट पर दक्षिण चेन्नई से चुनाव जीता था. बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना ने समाज सेवा के लिए राजनीति में प्रवेश किया. 1991 में राजेश खन्ना ने नयी दिल्ली सीट से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज लाल कृष्ण आडवाणी से चुनाव हार गए. बाद में उन्होंने इसी सीट से भाजपा प्रत्याशी शत्रुघ्न सिंहा को 1992 में हुए उपचुनाव में पराजित किया.

हीमैन धर्मेंद्र

बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता विनोद खन्ना ने भी भाजपा की टिकट पर 1996 में पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और अपने पहले प्रयास में ही वह संसद पहुंच गए. इसके बाद वे इस सीट पर 1998, 1999 और 2004 में भी जीते. 2009 में हुए चुनाव में वे अपना करिश्मा बरकरार नहीं रख सके और हार गए. मोदी लहर पर सवार विनोद खन्ना गुरदासपुर सीट के रास्ते एक बार फिर से संसद पहुंचे हैं.

बॉलीवुड के हीमैन धर्मेंद्र ने भी राजनीति में भाग्य आजमाने के लिए भाजपा का दामन थामा और उन्होंने वर्ष 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में राजस्थान के बीकानेर से चुनाव लड़कर जीत हासिल की. लोकप्रिय सीरियल महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले नीतीश भारद्वाज भाजपा के टिकट पर 1996 में जमशेदपुर से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे लेकिन 1999 में वह मध्यप्रदेश के राजगढ़ से चुनाव हार गये.

बिहारी बाबू शत्रुघ्न सिंहा

डासिंग स्टार गोविंदा ने 2004 में कांग्रेस से मुंबई उत्तरी सीट पर चुनाव लड़ा और भाजपा के दिग्गज नेता रामनाइक को पराजित करने का करिश्मा कर दिखाया. जयाप्रदा समाजवादी पार्टी के टिकट पर रामपुर सीट पर पहली बार संसद में पहुंची. इसके बाद 2009 में भी जयाप्रदा ने रामपुर सीट से जीत हासिल की. जया ने इस बार राष्ट्रीय लोकदल के टिकट पर बिजनौर से चुनाव लड़ा था लेकिन जीत नहीं पाईं.

राजबब्बर ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत समाजवादी पार्टी में शामिल होकर की और 1999 और 2004 में उत्तर प्रदेश की आगरा सीट से संसद सदस्य रहे. उन्होंने 2009 में फिरोजाबाद से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीता. इस बार वे कांग्रेस के टिकट पर गाजियाबाद से चुनाव लड़े लेकिन हार गए. दक्षिण भारतीय फिल्मों की लेडी अमिताभ कही जानी वाली विजया शांति ने भी 2009 में तेलंगाना राष्ट्र समिति के टिकट पर आंध्रप्रदेश के मेडक संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीता.

बॉलीवुड के बिहारी बाबू शत्रुघ्न सिंहा सुनील दत्ता की ही तरह केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं. बिहारी बाबू ने 2009 में पटना साहिब संसदीय सीट से छोटे पर्दे के बड़े कलाकार शेखर सुमन को हराया. शेखर ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था. शत्रुघ्न सिंहा ने इस बार भी पटना साहिब से चुनाव लड़ा और कांग्रेस के कुणाल सिंह को करारी शिकस्त दी. कुणाल सिंह को भोजपुरी सिनेमा का महानायक माना जाता है.

एमजे/आईबी (वार्ता)

DW.COM

संबंधित सामग्री