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मनोरंजन

राखी पर सजा पतंग बाजार

बरेली का बाजार राखियों के साथ पतंगों से पटा हुआ है. बॉलीवुड में मशहूर बरेली के झुमके और सूरमे के अलावा बरेली में कुछ और भी खास है.

भारत के कई हिस्सों में जनवरी में मकर संक्रांत के दिन पतंग उड़ाई जाती हो लेकिन बरेली में ये काम रक्षाबंधन के दिन किया जाता है. यह एक पुरानी परंपरा है और इसीलिए बाजार सुंदर राखियों और पतंगों से सजा हुआ है. इस साल 10 अगस्त के दिन रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाएगा.

राखी के मौके पर बच्चे बूढे सभी पतंग के पेंच लड़ाते देखते जा सकते हैं और पतंग बाजार में भी युवाओं के साथ बच्चों की पसंद का पूरा ख्याल रखा गया है. बाजार में कार्टूनों से सजी पतंगें बच्चों को लुभा रही हैं. इसके अलावा चीन से आई पतंगें और राखियों की भी कमी नहीं. भारत का क्या दुनिया का कोई त्योहार हो, कोई चीज ऐसी नहीं जो चीन में न बनती हो.

बहरहाल चीन से कुछ भी आए मांझा और चरखियां बरेली में ही बन रही हैं. प्लास्टिक की चरखियों के साथ जरीदार तथा स्टीकर लगी चरखी युवाओं की पसंद बनी हुई है. बाजार में 40 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की चरखियां मौजूद हैं. बरेली के मांझा पतंग मार्केट में इस बार 18 रीलों की विशेष चरखी भी उपलब्ध है.

राखी के मौके पर इस साल आसमान में उड़ती पतंगें लोगों को अच्छे दिन आने का संदेश देती हुई भी नजर आएंगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाक्य वाली पतंगें भी यहां खूब बिक रही हैं. इतना ही नहीं, कई पतंगों पर उनकी तस्वीरें भी बनी हुई है. रक्षाबंधन पर बरेली का पतंग बाजार चीनी और मोदीमय पतंगों से अटा पड़ा है.

एएम/एजेए (वार्ता)

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