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मनोरंजन

रविशंकर के साथ चाय पीना नहीं भूलेंगे अमजद

मशहूर सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान ने पंडित रविशंकर की याद करते हुए कहा है कि चाय पर पारिवारिक मुलाकातें हंसी और ठहाकों भरी होती थी.

दुनिया को भारतीय संगीत परंपरा से परिचित कराने वाले संगीतकारों में उस्ताद अमजद अली खान भी शामिल हैं. पंडित रविशंकर के निधन से संगीत की दुनिया को एक बड़ा झटका लगा है. उन्हें याद करते हुए अमजद अली खान ने डीडब्ल्यू को भेजे गए संदेश में कहा, ''पंडित जी को मैं 'दादा' कहता था, और मेरे लिए यह विश्वास करना ही कठिन है कि अब वह हमारे बीच नहीं हैं. उनके साथ ही संगीत का एक जादुई युग भी समाप्त हो गया.''

उस्ताद अमजद अली खान और पंडित रविशंकर संगीत के एक ही घराने से थे. अमजद अली खान के अनुसार उनके पिता उस्ताद हाफिज अली खान और रविशंकर के गुरू उस्ताद अलाउद्दीन खान ने एक ही उस्ताद वजीर खान से संगीत की शिक्षा ली थी. वे याद करते हैं कि एक बार पंडित रविशंकर ने उन्हें लिखा भी था, '' चलिए हम दोनों मिलकर इरादा कर लें कि अपने सेनिया बींकर घराने का नाम ऊंचा रखेंगे.''

अमजद अली खान मानते हैं कि पंडित रविशंकर के संगीत में मिठास के साथ ताजगी भी भरपूर थी. और अपनी मेहनत और सच्ची लगन से ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर के संगीतकार के रूप में ख्याति पाई. उन्होंने लिखा है, ''मैं पंडित रविशंकर को चमत्कारी पुरुष मानता हूं जिसने भारतीय शास्त्रीय संगीत का चेहरा ही बदल कर रख दिया. मैने पंडित जी के कई कार्यक्रमों में उन्हें महान तबला वादक किशन महाराज, उस्ताद अल्लाह रखा खान, चतुर लाल और कनाई दत्त के साथ सुना. और हर बार ताल और राग को लेकर उनकी समझ ने मेरा दिल जीत लिया. हर बार उनसे कुछ नया सीखने को मिलता था. मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि दादा भी कई बार मेरे कार्यक्रम सुनने कोलकाता, बर्मिंघम, न्यू यॉर्क और दिल्ली आए.''

अमजद अली खान ने पंडित जी के साथ अपने पारिवारिक संबंधों की बात करते हुए कहा, ''पंडित जी के साथ मेरे परिवार की मुलाकातें भी हमेशा ठहाकों से भरी होती थीं. हम चाय पर संगीत से जुड़ी बड़ी मजेदार चर्चाएं किया करते थे. सन 1977 में पंडित जी पहली बार मेरे घर आए थे, तब मेरा बड़ा बेटा अमान तीन साल का था. हमने पंडित जी और उनकी पत्नी सुकन्या जी की शादी में भी शिरकत की थी. सुकन्या जी मेरी पत्नी सुब्बलक्ष्मी के भरतनाट्यम की बड़ी प्रशंसक थीं. वह मेरी पत्नी को 'अक्का' बुलाती हैं जिसका मतलब होता है बड़ी बहन.''

Bild: Jasvinder Sehgal

अमजद अली खान ने बताया कि पंडित रविशंकर सन 2008 में उनके दूसरे बेटे अयान की शादी पर भी आए थे. पंडित जी से उनकी आखिरी बार मुलाकात अपने घर पर सन 2010 में हुई थी. अपने ईमेल संदेश के आखिर में उस्ताद अमजद अली खान ने लिखा, ''पंडित जी की आत्मा को शांति मिले, वे संगीत की दुनिया में सदा अपने योगदान के लिए याद किए जाएंगे.''

ग्रैमी में बेटी से होगा मुकाबला

पंडित रविशंकर अगले साल फरवरी में होने वाले संगीत के अंतरराष्ट्रीय ग्रैमी पुरस्कार की दौड़ में अपनी बेटी और खुद सितारवादक अनुष्का शंकर के साथ शामिल है. 55वें ग्रैमी पुरस्कार की सर्वश्रेष्ठ विश्व संगीत एल्बम श्रेणी में पंडित जी को अनुष्का शंकर टक्कर दे रही हैं.

पंडित रविशंकर पहले ही तीन बार ग्रैमी पुरस्कार को हासिल कर चुके हैं. इस साल नामांकित उनके एल्बम का नाम है 'लिविंग रूम सेशंस - पार्ट वन ' जिसमें चार ट्रैक हैं. ये चारों भारतीय शास्त्रीय संगीत के चार अलग रागों मालगुंजी, खमाज, केदार और राग सत्यजीत पर आधारित हैं. यह एल्बम पंडित जी ने पिछले साल कैलिफॉर्निया में रिकॉर्ड की थी.

इस पुरस्कार की दौड़ में शामिल पंडित जी की 31 वर्षीय बेटी अनुष्का के एल्बम का नाम 'ट्रैवेलर' है जो कि भारतीय संगीत और स्पेन की डांस शैली फ्लैमेंको को मिलाकर बनाई गई है. लॉस एंजिलस में होने वाले 55वें ग्रैमी अवॉर्ड अगले साल फरवरी की 10 तारीख को दिए जाएंगे.

रिपोर्ट: समरा फातिमा

संपादन: महेश झा

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