1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

रमजान में भारतीय मौलवियों की मांग बढ़ी

रमजान के पवित्र महीने में उत्तर प्रदेश के मौलवियों की विदेशों में जबर्दस्त मांग हो रही है. शिया सुन्नी दोनों समुदायों को मौलवी विदेशों में धार्मिक कार्यक्रमों और तकरीरों में मसरूफ हैं.

default

शिया धर्मगुरू मौलाना कल्वे सादिक इन दिनों केन्या में दरस ए कुरान प्रोग्राम में हिस्सा लेने गए हैं तो सुन्नी धर्मगुरु अब्दुल अलीम फारुकी हाल ही में इंग्लैंड से जश्न ए नुजूल अल कुरान में शामिल होकर लौटे हैं. कल्वे सादिक केन्या में अपने मुरीदों को पवित्र कुरान के आयतों समझा रहे हैं और ईद बीतने के बाद ही उनके वतन लौटने के आसार हैं. इसी तरह से मौलाना ज़हीर अहमद इफ्तिखारी अमेरिका में पवित्र कुरान पर होने वाले कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं.

Pakistan Koranschule in Lahore Schüler

रमजान में कुरान का महत्व और ज्यादा

शिया मौलवी मौलाना यासूब अब्बास बताते हैं, "रमजान के महीने में कुरान की आयतें सुनने से बड़ा सकून और शबाब मिलता है यही वजह है कि लोग अपनी व्यस्त ज़िंदगी में भी इसके लिए समय निकाल लेते हैं"

सउदी अरब, दुबई, ईरान और इराक में भी रमजान के लिए बड़ी संख्या में मौलवियों की मांग है जिसे पूरा करने में उत्तर प्रदेश के मौलाना जुटे हैं. भारतीय मौलवियों के मुरीद यूरोपीय देशों के साथ अमेरिका के न्यूयॉर्क और मियामी में भी हैं. इन सब मुल्कों के मुस्लिम चाहते हैं कि भारतीय मौलाना उनके देश आकर कुरान का पाठ करें और तकरीरें सुनाएं. इतना ही नहीं रोजेदारों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं ये बताने के लिए भी विदेशों में भारतीय मौलवियों को बुलाया जा रहा है. दुनिया भर में भारतीय मौलवी सबसे ज्यादा जानकार, भरोसेमंद और पवित्र समझे जाते हैं.

इंग्लैंड से लौटे फारुकी बताते हैं, "रमज़ान में सत्रहवां दिन नुजूल अल कुरान का होता है जिसे पवित्र कुरान के सामने आने की याद में मनाया जाता है." इंग्लैड में फारुकी ने मैनचेस्टर की इस्लामिक एकेडमी में भी भाषण दिया.विदेश जाकर तकरीरें देने वालों में मौलाना शौजाब काजमी जरवाली, कारी वरिस अली शाह, मौलान यूसुफ अजीजी और काजी रौशन ये कतार आगे अभी दूर तक जाती है.

रिपोर्टः एजेंसियां/ एन रंजन

संपादनः ओ सिंह

DW.COM

WWW-Links