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खेल

रमजान में जर्मनी से टक्कर

अल्जीरिया की टीम को वर्ल्ड कप में टिके रहने के लिए आज जर्मनी से भिड़ना है. इस बीच रमजान शुरू हो गया और खिलाड़ियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. लगातार पूछे जा रहे इस सवाल से अल्जीरियाई कोच भी नाराज हो गए.

दुनिया भर के ज्यादातर मुल्कों में शनिवार से रमजान की शुरुआत हो गई, जिसमें मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं. इस बाबत बार बार सवाल पूछे जाने के बाद अल्जीरिया के नाराज कोच वाहिद हालिदोहोदिच ने कहा, "आप मुझसे रमजान के बारे में सवाल करना बंद कीजिए नहीं तो मैं चला जाऊंगा."

उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ियों पर निर्भर करता है कि वे कड़ी गर्मी में रोजा रख कर खेलते हैं या नहीं, "जब आप यह सवाल पूछते हैं, तो आप सम्मान कम करते हैं और मैं चाहता हूं कि आप फुटबॉल पर केंद्रित रहें. मैं कोई पहली बार किसी मुस्लिम टीम को मैनेज नहीं कर रहा हूं, मैं खुद मुस्लिम हूं. मैंने हमेशा खिलाड़ियों को खुद फैसले लेने की इजाजत दी है."

Vahid Halilhodzic Algerien Trainer

अल्जीरिया के कोच वाहिद हालिदोहोदिच

61 साल के हालिदोहोदिच बोस्निया के हैं, जो हाल के दिनों तक कम्युनिस्ट यूगोस्वालिया का हिस्सा था. मुस्लिम बहुलता वाला राष्ट्र होते हुए भी इसकी पहचान अरब के धार्मिक मुल्कों से अलग होती है, जहां के लोग उदार मुस्लिम हैं. अल्जीरिया की प्रेस ने खबर छापी थी कि कोच ने अपने खिलाड़यों को जर्मनी के खिलाफ मैच में रोजा न रखने की सलाह दी है. हालिदोहोदिच ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है. मैंने भी अखबारों में कुछ रिपोर्टें पढ़ी हैं. एक ने तो खास तौर पर मेरी छवि बिगाड़ने की कोशिश की है."

ब्राजील के कुछ शहरों में तगड़ी गर्मी पड़ रही है और इसकी वजह से कुछ मैचों में कूलिंग ब्रेक भी लिया जा रहा है. आधे घंटे के खेल के बाद खिलाड़ियों को तीन मिनट का ब्रेक दिया जा रहा है, जिसमें वे पानी पी सकते हैं. ऐसी गर्मी में रोजा भी कठिन माना जाता है.

Deutschland vs Algerien WM 1982

1982 का जर्मनी अल्जीरिया मैच

अल्जीरिया के सामने इस मैच के जरिए 1982 के वर्ल्ड कप की कड़वी याद भुलाने का मौका है. 32 साल पहले अल्जीरिया ने पश्चिम जर्मनी को 2-1 से पराजित कर दिया लेकिन बाद में गिजोन में खेले गए मैच में पश्चिम जर्मनी ने ऑस्ट्रिया को 1-0 से हरा दिया और दोनों आगे क्वालीफाई कर गए. प्रेस में खबरें आईं कि दोनों पड़ोसी टीमों ने आपसी सहमति से यह नतीजा निकाला. इस घटना को "गिजोन की शर्म" भी कहते हैं.

हालिदोहोदिच का कहना है कि "सबको पता है कि 1982 में क्या हुआ था. खिलाड़ियों को उस घटना से फायदा होगा लेकिन जर्मन भी हर वह काम करना चाहेंगे, जिससे उन्हें क्वार्टर फाइनल में जगह मिले."

इससे पहले जर्मनी ने ग्रुप मुकाबलों में दो जीत के साथ आखिरी 16 में प्रवेश किया है. जर्मनी और अल्जीरिया से पहले फ्रांस और नाइजीरिया का मैच होना है. उधर, कोस्टा रिका, नीदरलैंड्स, ब्राजील और कोलंबिया की टीमें आखिरी आठ में पहुंच चुकी हैं.

एजेए/एएम (एपी, एएफपी)

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