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खेल

रणदीव ने जान बूझ कर नो बॉल कियाः सहवाग

एक तय शतक से चूक जाने के बाद भारत के विस्फोटक ओपनर बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि श्रीलंका के स्पिनर ने जान बूझ कर उन्हें नो बॉल फेंका, ताकि उनका शतक पूरा न हो सके. वीरू ने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है.

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सहवाग ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, "अगर कोई खिलाड़ी 99 रन बना कर खेल रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप नो बॉल डाल देंगे या चार रन बाई में दे देंगे. अच्छे क्रिकेट में इसकी कोई जगह नहीं है."

सहवाग को इस बात का पक्का यकीन है कि रणदीव ने जान बूझ कर नो बॉल फेंकी, ताकि उनका शतक पूरा न हो पाए. वीरू ने कहा, "मुझे रीप्ले देखने की जरूरत नहीं है. मुझे पता है कि यह जानबूझ कर किया गया है. रणदीव ने वनडे में कभी नो बॉल डाली ही नहीं है. जब मैं 99 पर खेल रहा था, तब क्यों नो बॉल डाल दी. यह कोई छोटा मोटा नो बॉल नहीं था, बल्कि वह एक फुट आगे निकल आया था. मुझे नहीं पता कि उसने कप्तान से पूछा या किसी और से."

Virender Sehwag

हालांकि रिकॉर्डों और शतकों की परवाह न करने वाले सहवाग ने कहा कि इस शतक के पूरा न होने का भी उन्हें कोई मलाल नहीं. उन्होंने कहा, "यह क्रिकेट में होता है. कोई भी टीम नहीं चाहती है कि दूसरी टीम का खिलाड़ी उनके खिलाफ शतक बनाए. उन्होंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की. लेकिन मेरे लिए यह कोई मायने नहीं रखता है. 99 हो या 100. मैं तो छक्का भी मारना चाह रहा था. हम बोनस प्वाइंट के बारे में सोच रहे थे. हमें वह मिल गया. हम खुश हैं."

भारत को जब जीत के लिए पांच रन की जरूरत थी, तो रणदीव गेंदबाजी करने आए. ओवर के पहले ही गेंद पर चार रन बाई के मिल गए और स्कोर बराबर हो गया. अगले दो गेंदों पर सहवाग ने शॉट तो लिया लेकिन रन नहीं चुरा पाए. इससे अगली गेंद पर रणदीव ने विवादित नो बॉल फेंक दिया. इस गेंद पर वीरू ने छक्का उड़ा दिया लेकिन तब तक तो खेल खत्म हो चुका था.

ऐसे मामलों में बिलकुल सपाट रहने वाले वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि वह इस बात का भी मुद्दा नहीं बनाना चाहते हैं. सहवाग ने कहा, "क्रिकेट में ऐसा होता है. कोई भी टीम नहीं चाहती के उनके खिलाफ कोई सेंचुरी जड़े. वे लोग खुश हैं. हम भी खुश हैं कि हमें बोनस अंक मिला है."

सहवाग ने कहा कि श्रीलंका ऐसा करता आया है और एक बार उन्होंने ऐसा महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के साथ भी किया था. वीरू ने बताया, "कटक के ग्राउंड पर जब सचिन 99 रन बना कर खेल रहे थे, तब भी श्रीलंका की टीम ने ऐसा किया था. ऐसा क्रिकेट में होता है. जब बल्लेबाज 99 पर खेल रहा हो, तो गेंदबाज ऐसा करना चाहते हैं."

रिपोर्टः पीटीआई/ए जमाल

संपादनः एन रंजन

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