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दुनिया

ये रहे पाकिस्तान के खिलाफ 'सबूत'

काबुल के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने हमला करवाया था. ऐसे आरोप लगाते हुए अफगानिस्तान की खुफिया सेवा के पूर्व प्रमुख ने कई दस्तावेज सार्वजनिक किये.

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं. अब अफगानिस्तान के पूर्व इंटेलिजेंस प्रमुख ने इससे जुड़े कुछ दस्तावेज सार्वजनिक करने का दावा किया है. रहमतुल्लाह नबील ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर छह दस्तावेज डाले हैं. नबील के मुताबिक इनसे साफ पता चलता है कि पाकिस्तान कैसे तालिबान की मदद कर रहा है.

एक दस्तावेज के मुताबिक आईएसआई ने 2014 में काबुल के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुए हमले की साजिश रची. हमले को सफल करार देते हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने अफगान सीमा से सटे जिले खैबर पख्तूनख्वा के चार लोगों का आभार जताया. एजेंसी ने अपने एजेंटों से उन्हें 25 लाख रुपये देने को कहा.

एक और डॉक्यूमेंट में यह बताया गया है कि आईएसआई कैसे आतंकवादी संगठनों के नेताओं की मदद करती है. इसमें लिखा गया है कि आईएसआई के रावलपिंडी मुख्यालय ने हक्कानी नेटवर्क के कमांडरों अता मोहम्मद और हाफिज लोकमान को परिवहन सेवाएं मुहैया कराई. रहमतुल्लाह नबील ने यह आरोप भी लगाया है कि आईएसआई आतंकवादी कमांडरों को वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना के अड्डे पर भी ले गई. इस दौरान उन्हें सेना की वर्दी पहनाई गई और गाड़ियां भी सेना की ही इस्तेमाल की गईं.

नबील के खुलासे से पाकिस्तान में भी हड़कंप मचा है. पाकिस्तानी सेना के अधिकारी हारून राशिद ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि वे रहमतुल्लाह द्वारा जारी किये गए दस्तावेज न दिखाएं.

वहीं अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के डायरेक्टर जॉन ब्रेनन ने साफ किया है कि पाकिस्तान में आतंकवादियों पर अमेरिकी बमबारी जारी रहेगी. ब्रेनन ने कहा कि ड्रोन हमलों के लिए पाकिस्तान से कोई अनुमति नहीं ली जाएगी. इस्लामाबाद को इनसे जुड़ी जानकारी नहीं दी जाएगी. ओसामा बिन लादेन समेत कई बड़े आतंकवादी पाकिस्तान में ही अमेरिकी हमले में मारे गए. अपने यहां आतंकवादियों के मिलने और मारे जाने से इस्लामाबाद भी आए दिन शर्मिंदा हो रहा है.

नबील के आरोपों पर अफगान सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. वैसे काबुल लंबे समय से पाकिस्तान पर अफगानिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है. अफगानिस्तान के मुताबिक पाकिस्तान आतंकवादियों को अपनी जमीन पर शह देता है और वे सीमा पार कर उसके यहां हमले करते हैं.

भारत भी पाकिस्तान पर ऐसे ही आरोप लगाता है. 2008 में मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले के तार भी पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों से जुड़े. अंतरराष्ट्रीय और नई दिल्ली के दबाव के बावजूद पाकिस्तान मुंबई हमले की साजिश रचने वालों को सजा नहीं दे पाया है.

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