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दुनिया

यूरोप में बढ़ रहा है भ्रष्टाचार

अक्सर विकासशील देशों को भ्रष्टाचार से जोड़ कर देखा जाता है. लेकिन यूरोपीय संघ की नई रिपोर्ट की मानें तो यूरोप को भ्रष्टाचार के कारण हर साल 120 अरब यूरो का नुकसान हो रहा है.

यूरोपीय संघ को आमतौर पर दुनिया के सामने के मॉडल के रूप में पेश किया जाता है जो भ्रष्टाचार से दूर रह कर अच्छे ढंग से काम कर पा रहा है. लेकिन यूरोपीय आयोग की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि उद्योग से जुड़े अधिकतर लोगों का यही मानना है कि सफलता की कुंजी है राजनेताओं से अच्छे संबंध. यूरोप में उद्योग कर रहे आधे से ज्यादा लोग मानते हैं कि भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है जिसका उन्हें लगातार सामना करना पड़ता है. सबसे ज्यादा प्रभावित हैं निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनियां. आठ में से दस कंपनियों ने माना है कि भ्रष्टाचार के कारण उन्हें दिक्कत होती है.

इस रिपोर्ट में ग्रीस, इटली और स्पेन को यूरोप के सबसे ज्यादा भ्रष्ट देशों में बताया गया है, जबकि डेनमार्क, स्वीडन और फिनलैंड में हालात सबसे अच्छे पाए गए हैं. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के साथ मिल कर बनाई गयी रिपोर्ट में ग्रीस को चीन के साथ 80वें स्थान पर रखा गया है और डेनमार्क को सबसे कम भ्रष्ट देश बताया गया है. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के कार्ल डोआन ने ब्रसेल्स में रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा, "यूरोप की समस्या छोटी मोटी घूसखोरी की नहीं है, यहां राजनेताओं और उद्यमियों के बीच जो मेलजोल है वह भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहा है." उन्होंने कहा कि सरकारें किसी ना किसी निजी कंपनी के पक्ष में फैसले लेती हैं. यहां तक कि कई बार तो कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट दिलाने के चक्कर में कानून में ही बदलाव कर दिए जाते हैं. यूरोपीय आयोग ने इस मामले में सख्ती बरतने की मांग की है.

यूरोप में रह रहे लोगों का भी मानना है कि भ्रष्टाचार बढ़ रहा है. यूरोपीय संघ

में गृह मामलों की आयुक्त सेसिलिया माल्मस्ट्रोम ने कहा, "भ्रष्टाचार के कारण लोगों का लोकतांत्रिक संस्थाओं और कानून पर विश्वास खत्म होने लगा है. इससे यूरोप की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है और यह देशों को जरूरी कर से भी वंचित कर रहा है."

रिपोर्ट में बताया गया है कि बहुत से लोग यूरो जोन में चल रहे वित्तीय संकट को इसका कारण मानते हैं. कुछ ही समय पहले रोमानिया के पूर्व प्रधानमंत्री आड्रियान नस्तासे को रिश्वतखोरी के कारण चार साल की कैद की सजा हुई. यूरोप में 1989 में साम्यवाद का अंत होने के बाद पहली बार किसी देश के प्रधानमंत्री को सजा हुई है. यूरोपीय संघ लंबे समय से बुल्गारिया और रोमानिया में भ्रष्टाचार के मामलों को काबू करने की ओर ध्यान खींचता रहा है. इन देशों को अब तक शेंगेन क्षेत्र में शामिल न करने की यह भी एक बड़ी वजह है.

इसके अलावा यूरोपीय संघ के विकसित सदस्य देशों में इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बैर्लुस्कोनी और जर्मनी के पूर्व राष्ट्रपति क्रिस्टियान वुल्फ पर भी भ्रष्टाचार के मुकदमे चल रहे हैं.

आईबी/एमजे (रॉयटर्स)

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