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खेल

यूरोप के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर रिबेरी

मेसी और रोनाल्डो को पीछे छोड़ चैंपियंस लीग की विजेता टीम बायर्न म्युनिख के मिडफील्डर फ्रांक रिबेरी को आखिर वो मिला है जिसके वो हकदार थे. उन्हें यूरोपीय फुटबॉल का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है.

यूएफा संघ के 53 पत्रकारों में से 36 ने रिबेरी को वोट देकर उन्हें इस पुरस्कार का हकदार बनाया है. मोंटे कार्लो के ग्रिमाल्डी फोरम में हुई वोटिंग के दौरान मेसी को 13 जबकि रोनाल्डो को महज 3 वोट मिले. फ्रांसीसी खिलाड़ी रिबेरी बीते साल बायर्न म्युनिख की बुंडेसलीगा, जर्मन कप और चैम्पियंस लीग की शानदार जीतों के नायक रहे हैं.

जीत के बाद रिबेरी ने कहा, "अपने सभी टीम साथियों, बायर्न के निदेशकों और समर्थकों को धन्यवाद देता हूं. हमारे लिए साल बहुत शानदार रहा, अपने पूरे परिवार, मेरी बीवी और मेरे बच्चों को भी बिग हेलो कहना चाहता हूं."

30 साल के रिबेरी बुंडसलीगा के पहले खिलाड़ी हैं जिन्हें 17 सालों में इस यूरोपीय पुरस्कार से नवाजा गया है. उनके पहले 1996 में बोरुसिया डॉर्टमुंड के माथियाज जामर को यह पुरस्कार मिला था. फ्रांस की ओर से इससे पहले इस पुरस्कार का हकदार बनने वाले जिनेदिन जिदान थे जिन्हें 1998 में इससे नवाजा गया. बायर्न की टीम के लिए तो यह पुरस्कार और भी मायने रखता है क्योंकि इससे पहले 1980 और 1981 में इसे हासिल हुआ था. मौजूदा चेयरमैन कार्ल हाइंज रूमेनिगे ने तब इसे जीता था. रूमेनिगे ने रिबेरी की तारीफ में कहा, "उसने शानदार सत्र खेला है और वह इसके काबिल है." म्युनिख के मशहूर खिलाड़ी फ्रांत्स बेकेनबाउवर ने भी कहा, "अगर कोई इसके काबिल है तो वह फ्रैंकी है. वह न केवल बेतरीन टीम का बेहतरीन खिलाड़ी है बल्कि उसने सब कुछ जीता भी है."

रिबेरी के लिए पुरस्कार का एलान करते वक्त यूएफा के अध्यक्ष मिशेल प्लाटिनी ने कहा, "इस ट्रॉफी को जीतना हमेशा बहुत शानदार होता है, इस वक्त यहां होना मेरे लिए बहुत खास पल है." अवॉर्ड दे रहे प्लाटिनी ने 1983 से 1985 के बीच खिलाड़ी के रूप में लगातार तीन बार यह ट्रॉफी जीती है.

रिबेरी ने पिछले सत्र में केवल 11 गोल किए. 2012-13 के मुकाबलों में मेसी और रोनाल्डो के 60-60 गोलों की तुलना में यह कुछ भी नहीं लेकिन वो हमेशा टीम को जीत दिलाते रहे. बार्यन के लिए कई मौके ऐसे रहे जब रिबेरी अपने खेमे से दूसरे गोल पोस्ट तक गेंद अकेले ले गए. विरोधी टीम के गोल पोस्ट के पास उन्होंने शानदार पास दिए और गोल करने के आदर्श मौके बनाए. रिबेरी की खास बात यह भी है कि वो खुद गोल करने का लालच नहीं करते. यही वजह है कि वो जर्मन फुटबॉल के शीर्ष खिलाड़ियों में सबसे प्रमुख रहे हैं. पुरस्कार समारोह के लिए मोंटे कार्लो में लियोनेल मेसी तो आए लेकिन रोनाल्डो नहीं पहुंचे. चार बार से दुनिया के बेहतरीन फुटबॉलर का खिताब जीत रहे मेसी ने यूरोप के बेस्ट प्लेयर का अवॉर्ड 2011 में जीता था. बार्सिलोना में उनके टीम साथी आंद्रेस इनिएस्ता ने 2012 में इसे हासिल किया.

रिबेरी के लिए पहला प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अवार्ड एक बड़ा मील का पत्थर है क्योंकि उनके करियर ने बहुत बुरा दौर भी देखा है. अब चाहे 2010 के वर्ल्ड कप में फ्रांस के खराब प्रदर्शन में मैदान के भीतर और बाहर उनकी भूमिका रही हो या फिर एक नाबालिग सेक्सवर्कर से प्रेम संबंध. रिबेरी ने कई मौकों पर इस बात का जिक्र किया है कि एक कम आमदनी वाले तबके से जुड़े शख्स का फुटबॉल की चमचमाती दुनिया तक पहुंचना कितना मुश्किल होता है. 2010 के वर्ल्ड कप में कोच रेमंड डोमनिक के खिलाफ विद्रोह के लिए उन पर तीन मैचों का प्रतिबंध लगा गया गया. इसके अलावा सेक्सवर्कर से प्रेम संबंध ने भी उनकी छवि को काफी नुकसान पहुंचाया. हालांकि पिछले सत्र में उन्होंने अपने खेल से छवि पर लगे दागों को धो दिया. म्युनिख के साथ तो वह 2007 से ही खेल रहे हैं लेकिन ऐसा खेल पहले कभी नहीं दिखाया था. बायर्न ने न सिर्फ बुंडेसलीगा बल्कि चैम्पियंस लीग का खिताब भी अपने नाम कर लिया.

एनआर/ओएसजे (डीपीए)

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