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जर्मन चुनाव

यूरोप के वित्तमंत्रियों में मतभेद

वैसे तो बैंकों के स्ट्रेस टेस्ट के आंकड़ों को सार्वजनिक रूप से पेश करने पर सहमति हो चुकी थी, लेकिन यूरोपीय संघ के वित्तमंत्री अभी तक इस पर सहमत नहीं हो पाए हैं कि कौन से आंकड़े पेश किए जाएंगे.

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पारदर्शिता ज़रूरी - शॉएबले

वित्तमंत्रियों की परिषद के अध्यक्ष और बेल्जियम के वित्तमंत्री डिडियेर रेन्डर्स ने कहा कि पारदर्शिता की ज़रूरत के बारे में एक समझौता हो चुका है, इस सिलसिले में कोई समस्या नहीं है. उनकी राय में यह समन्वय की समस्या है, क्योंकि सारे आंकड़े एकसाथ पेश किए जाने हैं.

आरको याद दिला दें कि दस दिनों के अंदर बैंकों की साख बताने वाले स्ट्रेस टेस्ट के आंकड़े पेश किए जाने हैं. 23 जुलाई को पेश किए जाने वाले इन आंकड़ों से स्पष्ट होना है कि अगर वित्तीय बाज़ार फिर से डांवाडोल होगा, तो कौन सा बैंक किस हद तक उससे निपट सकता है.

यूरोपीय वित्तमंत्रियों की नियमित मासिक बैठक के बाद स्वीडन के वित्तमंत्री आंदर्स बोर्ग ने कहा कि वे अब भी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि स्ट्रेस टेस्ट में प्राप्त आंकड़ों में से क्या प्रकाशित किया जाए. फ़्रास की वित्तमंत्री क्रिस्टिने लागार्द की राय में 22 जुलाई के लिए नियोजित वित्तमंत्रियों की टेलिकांफ़्रेंस में ही इस सिलसिले में अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि अंतिम क्षण तक विचार विमर्श चलता रहेगा.

जर्मनी चाहता है कि बैंकों के ऋण संबंधी आंकड़ें प्रकाशित किए जाएं, जबकि ब्रिटेन और स्पेन सभी आंकड़ों के प्रकाशन के पक्ष में हैं. फ़्रांस को ऋण संबंधी आंकड़ों के प्रकाशन की उपयोगिता के बारे में भी शक है.

जर्मन वित्तमंत्री वोल्फ़गांग शॉएब्ले ने इस सिलसिले में ध्यान दिलाया है कि बैंकों की वित्तीय स्थिति के बारे में अटकलों की वजह से भी बाज़ार में खलबली मची हुई है. इसे दूर करने के लिए पारदर्शिता ज़रूरी है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/उभ

संपादन: एन रंजन

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