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मनोरंजन

यूरोप और एशिया को करीब लाता सिनेमा

वह एक दिन नदी के किनारे बैठे थे. तभी एक कहानी सूझी. कहानी को फिल्म में बदल दिया. पश्चिम में उनका बड़ा सम्मान है, लेकिन उनका अपना देश चीन उनसे अंजान सा है.

बर्लिन फिल्म फेस्टिवल बर्लिनाले में चीन की फिल्म "चांग जियांग तु" ने खासी वाहवाही बटोरी. फिल्म चीन की यांगत्से नदी और उस पर नाव चला रहे एक नाविक की कहानी है. नाविक प्यार की तलाश में है. लव ड्रामा की श्रेणी में रखी गई यह फिल्म स्वतंत्र फिल्मकार यांग चाओ ने बनाई है.

अपनी फिल्म की स्क्रीनिंग के लिए बर्लिनाले पहुंचे यांग ने कहा, "मुझे नदियों से बेपनाह मुहब्बत है, वहीं से यह आइडिया आया. मैं यांगत्से नदी पर गया था और वहीं कहानी लिखनी शुरू कर दी. चार साल बाद 2012 में मैंने कहानी खत्म की."

Deutschland Berlin PK Berlinale Regisseur Yang Chao spricht

यांग चाओ

फ्रांस के प्रतिष्ठित कान फिल्म फेस्टिवल में भी 2004 में यांग की फिल्म को बेस्ट मूवी डेब्यू का सम्मान मिला. "चांग जियांग तु" यानि विपरीत लहरें, फिल्म में नाविक की भूमिका निभाने वाले वु लिपेंग के मुताबिक, "यांगत्से नदी पर आपको जीवन और मृत्यु का अहसास होता है. नदी में कई ताकतवर शक्तियां साथ काम कर रही होती हैं."

वैश्विक फिल्म बाजार में अब चीनी प्रोड्यूसरों की बतौर फाइनेंसर भूमिका बढ़ रही है. बर्लिनाले और दूसरे फिल्म फेस्टिवलों के जरिये चीनी फाइनेंसर नए बाजारों में घुसना चाह रहे हैं. हॉलीवुड की तरह ही यूरोपीय फिल्म उद्योग भी चीनी प्रोड्यूसरों के साथ संबंध गहरे करना चाह रहा है. माना जा रहा है कि अगले साल चीन का फिल्म बाजार अमेरिका को पीछे छोड़ देगा. यूरोपीय फिल्म निर्माता इस बदलाव का फायदा उठाना चाहते हैं.

लेकिन जब यांग से पूछा गया कि उनकी फिल्मों को चीन में कितने दर्शक मिलते हैं तो वे मुस्कुराने लगे. फिलहाल चीनी दर्शक हाई कमर्शियल फिल्मों को ज्यादा पंसद कर रहे हैं. लेकिन यांग को उम्मीद है कि धीरे धीरे दर्शक सिनेमा के दूसरे पहलुओं से भी रूबरू होंगे.

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