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दुनिया

यूरोपीय एकता सपना था कोल का

लम्बे समय तक जर्मनी के चांसलर रह हेलमुट कोल कहा करते थे, जर्मन एकता और यूरोपीय एकता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. कोल का मानना था कि दो सैनिक गुटों में बंटे यूरोप का विभाजन दूर कर ही जर्मन एकीकरण संभव होगा.

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यूरोपीय झंडे के साथ हेल्मुट कोल

वे पूरी तरह सत्तालोलुप राजनीतिज्ञ थे. लेकिन सत्ता से भी अधिक महत्वपूर्ण हेलमुट कोल के लिए यूरोप की एकता थी. युवावस्था में ही, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वे एक बार अपने साथियों के साथ फ़्रेंच सीमा पर गए थे और सीमाई बाड़ों को तोड़ डाला था.

अक्टूबर 1982 में जर्मन चांसलर के रूप में संसद में अपने पहले भाषण में कहा था, "यूरोपीय विचार ने सीमाओं से परे सहिष्णुता पैदा की है और यूरोप में स्थायी शांति की आधारशिला रखी है." हेल्मुट कोल के लिए यूरोपीय नीति स्वतंत्रता में शांति की नीति थी.

उनके सत्ता में आने से एक साल पहले पूर्वगामी चांसलर हेल्मुट श्मिट ने इटली के साथ यूरोपीय समुदाय को राजनीतिक संघ में बदलने की पहलक़दमी शुरू की थी. चांसलर के रूप में कोल ने इस पहलक़दमी को अपना बनाया और घोषणा की, "हमारा लक्ष्य यूरोप की राजनीतिक एकता है."

Flash-Galerie Helmut Kohl Geburtstag

कोल और फ़्रांसोआ मितरां

आज यूरोपीय संघ के 27 सदस्य हैं और बहुत से देश सदस्य बनने के लिए कतार में खड़े हैं. उस समय बहुत से देश यूरोपीय संघ बनाने के लक्ष्य के ख़िलाफ़ थे. हेलमुट कोल ने फ़्रांस के राष्ट्रपति फ़्रांसोआ मितरां के साथ मिलकर इस राह पर चलना तय किया, यदि दूसरे साथ चलने को न भी तैयार हों तब भी. 1985 में मिलान में हुए शिखर सम्मेलन में एकीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसका परिणाम 19992 में यूरोपीय संघ और साझा बाज़ार के गठन के रूप में सामने आया.

1989 में बर्लिन दीवार के गिरने और पूर्वी जर्मनी तथा अन्य पूर्वी यूरोपीय देशों में साम्यवादी शासन के ख़िलाफ़ विद्रोह के बाद जब जर्मनी के विभाजन का अंत साफ़ दिख रहा था तब भी हेल्मुट कोल यूरोप को नहीं भूले. एकीकरण के उन्माद में नहाए देशवासियों को संबोधित करते हुए कोल ने कहा, "हम इस ऐतिहासिक घड़ी में विफल रहेंगे यदि हम जर्मन यूरोपीय और यूरोपीय जर्मन होने की संभावना का उपयोग नहीं करेंगे."

जर्मन एकता के बाद भी हेलमुट कोल यूरोपीय एकता के लिए संघर्षरत रहे. यूरोपीय संघ बन जाने के बाद उनका लक्ष्य यूरोप में साझा मुद्रा था. उनका मानना था कि मुद्राएं सिर्फ़ कारोबार का साधन नहीं होती बल्कि सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक भी होती हैं. अक्तूबर 1998 में कोल ने अंतिम बार यूरोपीय नेताओं की शिखर भेंट में भाग लिया. तब तक वे चुनाव हार चुके थे लेकिन अंतरिम चांसलर बने हुए थे. इस शिखर भेंट में उन्हें यूरोप की मानद नागरिकता से विभूषित किया गया.

रिपोर्ट: पेटर श्ट्युत्सले/मझ

संपादन: एम गोपालकृष्णन

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