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दुनिया

यूपी में "कट्टर हिंदुओं" ने एक और मुसलमान की जान ली

उत्तर प्रदेश में पुलिस का कहना है कि हिंदू युवा वाहिनी के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है जिन पर एक मुसलमान बुजुर्ग को पीट पीट कर मार देने का आरोप है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कभी हिंदू वाहिनी का गठन किया था.

Verwandte von Mohammad Akhlaq, der von einem Mob gelyncht wurde (Reuters/Stringer)

पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं

पुलिस अधिकारी मुनि राज ने बुधवार को बताया कि राज्य के बुलंदशहर जिले के एक गांव में गुलाम मोहम्मद की पीट पीट कर हत्या कर दी गई. बताया जाता है कि इस घटना से एक दिन पहले ही गुलाम मोहम्मद का एक रिश्तेदार एक हिंदू लड़की के साथ भाग गया और गुलाम मोहम्मद पर उनकी मदद करने का आरोप है.

गिरफ्तार लोग हिंदू युवा वाहिनी के सदस्य बताए जा रहे हैं. 2002 में योगी आदित्यनाथ ने इस संगठन की स्थापना की थी और इसका एक लक्ष्य हिंदू महिलाओं और मुसलमान पुरूषों के बीच होने वाली शादियों को रोकना है. उनका दावा है कि मुसलमान हिंदू लड़कियों से शादी कर अपने धर्म को फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद से देश में मुसलमानों पर हमले बढ़े हैं. इनमें से बहुत से हमलों के लिए हिंदू युवा वाहिनी जैसे संगठन ही जिम्मेदार रहे हैं. लेकिन उत्तर प्रदेश में बीजेपी के एक नेता विजय बहादुर पाठक का कहना है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर बुलंदशहर की घटना में शामिल लोगों को दोषी पाया जाता है तो उन्हें दंड दिया जाएगा.

मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी जगदीश शर्मा ने बताया, "एक हिंदू लड़की के एक मुसलमान लड़के के साथ भाग जाने से तनाव था और हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों ने इसे लव जिहाद बताया. मुस्लिम किसान ने जब उनके बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया तो उसे आम के बाग में पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गयी."

वहीं, युवा वाहिनी के प्रवक्ता पीके माल ने इस मामले में अपने संगठन के सदस्यों का हाथ होने से इनकार किया है. उन्होंने रॉयटर्स को बताया, "हम नहीं चाहते कि मुसलमान हिंदू लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराएं, लेकिन हम किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं हैं." उनके मुताबिक यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके धार्मिक संगठन को बदनाम करने की साजिश है.

एके/ओएसजे (एपी, रॉयटर्स)

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