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दुनिया

यूएन रिपोर्ट झूठों का पुलिंदा: मुशर्रफ़ के सहायक

पाकिस्तान के भूतपूर्व सैनिक शासक परवेज़ मुशर्रफ़ के प्रवक्ता राशिद क़ुरैशी ने बेनज़ीर भुट्टो की हत्या पर संयुक्त राष्ट्र जांच दल की रिपोर्ट को झूठ का पुलिंदा बताया है. पाकिस्तान सरकार ने जांच में तेज़ी लाने का वचन दिया.

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पाकिस्तान के भूतपूर्व सैनिक शासक परवेज़ मुशर्रफ़ के शासनकाल में उनके प्रवक्ता रहे राशिद क़ुरैशी ने बेनज़ीर भुट्टो की हत्या पर संयुक्त राष्ट्र जांच दल की रिपोर्ट को "झूठ का पुलिंदा" बताया है. उन्होंने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट अफ़वाहों पर आधारित है और मुशर्रफ़ किसी भी तरह ज़िम्मेदार नहीं हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तत्कालीन सरकार ख़तरों के बारे में खुलेआम पता होने के बावजूद बेनज़ीर भुट्टो को सुरक्षा देने में विफल रही. रिपोर्ट के अनुसार यदि परवेज़ मुशर्रफ़ की तत्कालीन सरकार और सुरक्षा एजेंसियां पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा के उचित क़दम उठातीं तो उनकी मौत को टाला जा सकता था. रिपोर्ट का यह भी कहना है कि बेनज़ीर की हत्या की जांच में खुफ़िया एजेंसियों और दूसरे सरकारी अधिकारियों ने गंभीर रूप से बाधाएं डालीं.

Pakistan Präsident Asif Ali Zardari vereidigt

संयुक्त राष्ट्र जांच रिपोर्ट आने के बाद पाकिस्तान सरकार पर बेनज़ीर की हत्या की जांच शीघ्र पूरी करने का दबाव बढ़ गया है. पाकिस्तान की सरकार ने शुक्रवार को कहा कि आपराधिक जांच में तेज़ी लाई जाएगी. भुट्टो के पति राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी की प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने तीन सदस्यीय जांच दल की रिपोर्ट पर संतोष व्यक्त किया है.

संयुक्त राष्ट्र की 65 पृष्ठों की रिपोर्ट में कहा गया है कि संघीय और पंजाब सरकार भुट्टो के लिए अभूतपूर्व, नए और फ़ौरी जोखिम के जवाब में आवश्यक क़दम उठाने में नाकामयाब रहीं. आयोग ने कहा है कि 15 वर्षीय आत्मघाती हमलावर की भुट्टो के हत्यारे के रूप में शिनाख़्त की गई लेकिन "अल क़ायदा, तालिबान, स्थानीय जिहादी गुटों और पाकिस्तान सत्ता संस्थान के तत्वों सहित ख़तरों के विभिन्न स्रोतों के बीच हत्या की योजना बनाने वालों का पता लगाने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया."

रिपोर्ट में सर्वसत्तावान सैनिक खुफ़िया एजेंसी आईएसआई सहित विभिन्न खुफ़िया एजेंसियों की संयुक्त राष्ट्र जांच आयोग के प्रति उनके असहयोगात्मक रवैये के लिए आलोचना की गई है. जांच आयोग ने पाकिस्तान सरकार से पुलिस सेवा और खुफ़िया एजेंसियों में सुरधार करने की मांग की है और भुट्टो की हत्या की विश्वसनीय जांच कराने की मांग की है. चिली के संयुक्त राष्ट्र दूत मूनाज़ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच दल ने 2009 में काम करना शुरू किया.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: राम यादव

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