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विज्ञान

युवाओं को लुभाती पानी में कसरत

पानी का व्यायाम काफी वक्त से बूढ़े, बीमार और मोटापे के शिकार लोगों के लिए मुफीद बताया जाता है. अब यह जिंदादिल और कड़ी कसरत के शौकीन युवाओं की पसंद भी बनता जा रहा है.

एक्वा जुंबा, एक्वा बूट कैंप और लयबद्ध तैराकी. विशेषज्ञों का मानना है कि ये वो व्यायाम हैं, जिनमें शरीर की हर मांसपेशी में हरकतें होती है. जमीन पर साधारण तरीके से की जाने वाली कसरतों का इनसे कोई मुकाबला नहीं. वाईएमसीए ऑफ ग्रेटर न्यूयॉर्क की लॉरी रोज बेंसन कहती हैं कि उनके यहां पूल क्लास के लिए दिन में बड़ी उम्र के लोग तो शाम को जवान, पार्टी में जाने वाले लोगों का जमावड़ा रहता है.

बेंसन बताती हैं कि एक्वा जुंबा शहर के युवाओं के बीच 'पूल पार्टी' के रूप में लोकप्रिय हो रही है. वहीं लयबद्ध तैराकी भी फिटनेस के शौकीन युवाओं को लुभा रहा है, जिसमें संगीत के साथ पानी में कई तरह के स्ट्रोक और स्टंट किए जाते हैं. बेंसन का मानना है, "सचमुच, यह इस बात पर निर्भर करता है कि दिन का कौन सा पहर चल रहा है. पानी में कसरत से वे सभी फायदे मिलते हैं जो दिल की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के व्यायाम से मिलते हैं." पानी में कसरत के लिए पानी का तापमान लगभग 29 डिग्री सेल्सियस और बाहर की हवा करीब दो डिग्री ज्यादा गर्म होनी चाहिए.

न्यूयॉर्क शहर के इक्विनॉक्स फिटनेस सेंटर में तैराकी कोच एलिस पीटर्स हफ्ते में तीन बार एक्वा बूट कैंप चलाते हैं. एक घंटे तक चलने वाले इस सत्र में थोड़े थोड़े देर के बाद पानी में रह कर कई तरह की कसरतें करनी होती हैं. पीटर्स बताते हैं कि इससे सभी मांसपेशियों का व्यायाम होता है. उनकी क्लास में पानी में ही तेजी से दौड़ने, कूदने और कई दूसरे व्यायामों का बारी बारी से अभ्यास कराया जाता है. पीटर्स बताते हैं, "हम आम तौर पर कोई भी एक्सरसाइज लगातार एक मिनट से ज्यादा नहीं करते."

Bildergalerie Synchronschwimmen

पानी में कसरत से सभी मांसपेशियों का व्यायाम होता है

वह बताते हैं कि पानी में हिलने डुलने में कहीं ज्यादा शक्ति लगती है. पानी के हवा से भारी होने के कारण जमीन के मुकाबले पानी में चलने पर प्रतिरोध झेलना पड़ता है. पानी में प्रतिरोध हवा के मुकाबले 12 गुना ज्यादा होता है और शरीर पर हर तरफ से काम करता है. पीटर्स कहते हैं, "मैं जमीन पर ऐसी किसी मशीन की कल्पना नहीं कर सकता, जो पानी की तरह हर ओर से प्रतिरोध वाली अवस्था की नकल कर सके."

रोड आइलैंड की एक्वेटिक एक्सपर्ट कैरेन केंट बताती हैं कि वह खुद दमे की शिकार होने के कारण ज्यादा दौड़ नहीं पाती थीं. तब उन्होंने पूल व्यायाम शुरू किया. केंट बताती हैं कि पानी में थकान कम महसूस होती है और एक अच्छे प्रशिक्षक की मदद से वह थोड़ा रुक रुक कर पानी में देर तक दौड़ने और जॉगिंग करने में सफल रही हैं. वह बताती हैं कि कई एथलीट भी पानी में व्यायाम कर अपनी क्षमता और बढ़ा पाते हैं.

आरआर/एजेए (रॉयटर्स)