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दुनिया

यासीन भटकल समेत पांच को मौत की सजा

हैदराबाद के दिलसुखनगर इलाके में 2013 में हुए बम धमाकों के सिलसिले में यासीन भटकल और चार अन्य को मौत की सजा सुनाई गई है. इन धमाकों में 18 लोग मारे गए थे जबकि 130 घायल हुए थे.

यह पहला मामला है जिसमें यासीन भटकल समेत इंडियन मुजाहिदीन के सदस्यों को आतंकवादी हमलों का दोषी करार दिया गया है. भटकल को इंडियन मुजाहिदीन का सह-संस्थापक बताया जाता है. फरवरी 2013 में दिलसुखनगर के एक व्यस्त खरीदारी वाले इलाके में धमाके हुए थे. इसके कई महीनों बाद, अगस्त 2013 में भटकल को नेपाल की सीमा के नजदीक बिहार से गिरफ्तार किया गया था.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अपने भाई यासीन भटकल के साथ मिलकर इंडियन मुजाहिदीन बनाने वाला रियाज भटकल भी इस मामले में मुख्य आरोपी है. फिलहाल वह फरार है और माना जाता है कि पाकिस्तान में है. इंडियन मुजाहिदीन पर भारत में 2010 में प्रतिबंध लगा दिया गया था.

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सोमवार को अदालत का फैसला आने के बाद अभियोजक पक्ष के सुरेंद्र राव ने पत्रकारों को बताया, "अदालत ने पांचों को फांसी पर लटकाकर मौत देने की सजा सुनाई है. अब यह मामला मौत की सजा की पुष्टि के लिए राज्य के हाई कोर्ट में जाएगा.” हैदराबाद की विशेष अदालत ने 157 चश्मदीदों की गवाही सुनने के बाद यह फैसला दिया. उधर अभियुक्तों के वकीलों का कहना है कि वे हाई कोर्ट में अपील करेंगे.

बताया जाता है कि इंडियन मुजाहिदीन के तार पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन लश्कर ए तैयबा से जुड़े हैं और इसे 2005 के बाद भारत में होने वाले कई हमलों में शामिल बताया जाता है. इन हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए थे.

एके/आरपी (डीपीए)

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