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दुनिया

यहूदी-मुस्लिम शादी पर हंगामा

गाजा में जारी संघर्ष के बीच इस्राएल में यहूदी महिला और मुस्लिम युवक की शादी का भारी विरोध हो रहा है. समारोह के दौरान विरोध प्रदर्शनों में अरब विरोधी नारों की गूंज रही. पुलिस ने चार इस्राएल समर्थकों को गिरफ्तार किया.

प्रेम किसी भी सीमा को नहीं मानता, इसकी जीती जागती मिसाल है यह शादी. 23 साल की मराल मलका और 26 साल के मंसूर के वकील ने अदालत से प्रदर्शनों को रोकने की भी मांग की थी जिसे मंजूरी नहीं मिली. लेकिन उन्हें तेल अवीव में पुलिस ने सुरक्षा दी ताकि प्रदर्शनकारियों से 200 मीटर की दूरी बनाई रखी जा सके. कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच शादी संपन्न हुई.

पिछले एक महीने से गाजा में जारी हमास लड़ाकों और इस्राएल के बीच संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. इस्राएल के तीन छात्रों की हत्या के बाद मामले ने तूल पकड़ा जिसके जवाब में एक फलीस्तीनी युवक की हत्या कर दी गई. हमास लड़ाकों ने इसके बाद इस्राएल पर रॉकेट बरसाए. इसके साथ ही इस्राएल ने गाजा पट्टी पर मिसाइलें दागना शुरू की. इस्राएल और हमास के बीच जारी संघर्ष पिछले दो साल में अब तक का सबसे गंभीर संघर्ष है. इस्राएली हमले में ज्यादातर फलीस्तीनी नागरिक मारे गए हैं.

धर्म परिवर्तन पर नाराजगी

विरोध प्रदर्शनों का आयोजन करने वाला लेहावा समूह पहले भी दंपति के लिए परेशानियां खड़ी कर चुका है. विरोध प्रदर्शनों में ज्यादातर युवा काली शर्ट पहन कर पहुंचे. मलका जो कि यहूदी मूल की हैं, शादी के लिए उन्होंने धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल किया है. प्रदर्शनकारी उन्हें गद्दार कह कर पुकार रहे थे. मंसूर ने शादी संपन्न हो जाने पर कहा, "वे हमारी शादी रोकने में नाकामयाब रहे. हम सुबह होने तक नाचेंगे और जश्न मनाएंगे." शादी के समर्थक कुछ अन्य इस्राएलियों ने भी हल्के फुल्के स्तर पर जवाबी प्रदर्शन किया. फूल और गुब्बारों के साथ वे संदेश दे रहे थे 'प्यार की सब पर जीत होती है.'

अरब विरोधी

यहूदी बहुल देश इस्राएल में करीब 20 फीसदी आबादी अरब मुस्लिमों की हैं. धर्म के बाहर शादी करने वाले इस्राएली ज्यादातर शादी के लिए देश से बाहर जाते हैं. मलका के पिता ने इस्राएली टीवी चैनल पर कहा कि वह अपनी बेटी के धर्म परिवर्तन की घटना से बेहद दुखी हैं. उन्होंने अपने दामाद के बारे में कहा, "मुझे उससे यही दिक्कत है कि वह अरब है."

मिस्र इस्राएल और हमास के बीच मध्यस्थता कर संघर्ष विराम की कोशिश कर रहा है. हमास लड़ाकों की मांग है कि गाजा की नाकाबंदी खत्म की जाए और उसके बंदरगाह जहाजों के लिए खोले जाएं.

एसएफ/एएम (रॉयटर्स)

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