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मनोरंजन

यश चोपड़ा को ब्रिटेन में मिली डॉक्टरेट

यश चोपड़ा ने भारतीय सिनेमा और बॉलीवुड को जिन बुलंदियों तक पहुंचाया है, उन्हें पूरी दुनिया सलाम करती है. मेलोड्रामा से भरी खालिस हिंदी फिल्में बनाने वाले चोपड़ा को दुनिया की एक और यूनिवर्सिटी ने सम्मानित किया है.

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बॉलीवुड के कुछ सबसे बड़े फिल्मकारों का नाम लिया जाए, तो यश चोपड़ा उनमें जरूर शामिल होगा. उन्हें फिल्म बनाने के फन में कैसी महारत हासिल है, इसका पता उनकी बनाई फिल्मों के नाम देख लेने भर से हो जाता है. कम ही फिल्में ऐसी होंगी जो चर्चित नहीं रहीं और बेहद कम ऐसी होंगी जिन्हें हिट या सुपर हिट की कैटेगरी में नहीं डाला जा सकता. ऐसे महारथी को अगर फिल्म का डॉक्टर ही कह दिया जाए तो क्या हर्ज है. ब्रिटेन के एक कॉलेज ने न सिर्फ उन्हें डॉक्टर कह दिया है बल्कि इसके लिए डिग्री भी दे दी है.

ब्रिटेन के स्कूल ऑफ ऑरिएंटल एंड अफ्रीकन स्ट्डीज ने ‘किंग ऑफ रोमांस' के नाम से मशहूर यश चोपड़ा को शुक्रवार को डॉक्टर ऑफ लेटर्स की उपाधि से नवाजा.

Regisseur Yash Chopra wurde zum besten Filmemacher in Asien 2009

दिल से बनाई फिल्में: यश चोपड़ा

कभी कभी और सिलसिला जैसी फिल्में बनाने वाले यश चोपड़ा ने इस मौके पर कहा, “मैं इस सम्मान के लिए आभारी हूं और स्कूल का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. मैंने हमेशा दिल से फिल्में बनाई हैं और यही संदेश मैं दुनिया भर में फिल्मकारी स्टूडेंट्स को देना चाहूंगा.”

इस मौके पर एसओएएस के डायरेक्टर पॉल वेबली और प्रेजीडेंट बैरनेस हेलेना कैनेडी भी मौजूद थीं. 77 वर्षीय चोपड़ा के सम्मान में प्रफेसर रेचल ड्वायर ने कहा, “चोपड़ा की फिल्में जज्बात की सबसे गहरी परत को खालिस रूप में पेश करती हैं और इसके लिए वे मेलोड्रामा का सहारा लेती हैं. उनकी फिल्मों के डायलॉग और गानों को तो लोग न सिर्फ याद रखते हैं बल्कि मंत्रों की तरह दोहराते हैं. इसकी वजह यह है कि वे ऐसी बातों को भी शब्द, कल्पना और संगीत के जरिए कह जाते हैं जिन्हें कहना बहुत मुश्किल है.”

यश चोपड़ा को इससे पहले 2007 में लीड्स मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी भी डॉक्टरेट की उपाधि से नवाज चुकी है.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः ओ सिंह

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