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दुनिया

यजीदी लड़कियों का यौन शोषण

एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि इस्लामी कट्टरपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के लड़ाके यजीदी लड़कियों का यौन शोषण और उनकी नीलामी कर रहे हैं. संस्था ने आईएस के चंगुल से भागी 40 लड़कियों से बात के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है.

आईएस के चंगुल में फंसी सैकड़ों महिलाओं में ये अल्पसंख्यक यजीदी समुदाय की वे लड़कियां हैं जिन्हें अगस्त में सिंजर पहाड़ी पर आईएस लड़ाकों ने बंदी बना लिया था. अगस्त में सिंजर पर हुए आईएस हमले में सैकड़ों यजीदी मारे गए, बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को छोड़कर भाग खड़े हुए और बाकी वहीं फंसे रह गए. पिछले दिनों पेशमेरगा फौजों ने सिंजर पहाड़ी को आईएस के कब्जे से छुड़ाया.

मानवाधिकार मामलों पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि बंदी बनाई गई लड़कियों में 10 से 12 साल की लड़कियां भी हैं जिनका यौन शोषण किया गया और उन्हें बेचा भी गया. उन्हें शादी के लिए मजबूर किया गया. उनके मुताबिक सीरिया और इराक में इन लड़कियों का आईएस लड़ाकों और उनके समर्थकों के बीच तोहफे के तौर पर लेन देन भी हुआ. कई बार वे एक व्यक्ति से दूसरे के पास भेजी जाती रहीं. इन लड़कियों को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए भी मजबूर किया गया.

एमनेस्टी की वरिष्ठ सलाहकार डोनाटेला रोवेरा के मुताबिक, "आईएस लड़ाकों के हाथों हुए यौन शोषण और यौन बंदी बनाए जाने से सैकड़ों यजीदी महिलाओं और लड़कियों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है." बलात्कार के डर से कई लड़कियों ने आत्महत्या कर ली. उनमें से एक 19 वर्षीय जिलान भी थी. जिलान के बारे में उसके भाई और उसके साथ रखी गई 20 लड़कियों ने बताया. उनमें से एक लड़की ने बताया, "एक दिन हमें ऐसे कपड़े दिए गए जो नृत्य के लिए पहनी जाने वाली पोशाक जैसे थे. हमसे कहा गया कि हम नहाकर उन कपड़ों को पहन लें."

Jesidische Flüchtlinge im Irak 20.08.2014

इराक में आईएस के हमले के बाद से हजारों यजीदी बेघर हुए हैं.

रिपोर्ट में इस लड़की का बयान भी शामिल है. उसने आगे बताया, "जिलान ने स्नानगृह में ही खुदकुशी कर ली. उसने अपनी कलाई काटी और खुद को टांग लिया. वह बहुत सुंदर थी. शायद उसे पता था कि उसे कोई आदमी ले जाने वाला है और इसीलिए उसने अपनी जान ले ली." जिन लड़कियों को आईएस लड़ाकों ने अगवा किया उनकी ठीक संख्या बताना मुश्किल है. इराक का मानवाधिकार मंत्रालय उनकी संख्या "सैकड़ों" बता रहा है लेकिन एमनेस्टी के मुताबिक यह संख्या "संभवत: हजारों" है.

आईएस ने जून महीने में इराक के दूसरे सबसे बड़े शहर मोसुल पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद उन्होंने सिंजर सहित अन्य क्षेत्रों पर दबाव बनाना शुरू किया. जल्द ही उत्तरी सीरिया और इराक के कुछ शहरों पर कब्जा कर उसने अपने नेता अबु बकर अल बगदादी को मुसलमानों का खलीफा घोषित कर दिया. आईएस लड़ाकों ने इराक के यजीदी और ईसाई समुदाय के लोगों को निशाना बनाया.

अगस्त में सिंजर पहाड़ी पर हमले में भारी मारकाट के बाद अमेरिका ने इराक की कुर्द सेना की हवाई हमलों में मदद का एलान किया. आईएस के खिलाफ पेशमेरगा फौजों की लड़ाई में अब तक कुछ कामयाबी मिली है, जिसमें पिछले दिनों सिंजर पहाड़ी से आईएस लड़ाकों को खदेड़ा जाना शामिल है. यजीदी सैकड़ों साल पुराना धर्म है जिसे इराक के इस्लामी कट्टरपंथी धर्म के बाहर मानते हैं. अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए यजीदी सालों से भेदभाव का शिकार हैं. यजीदी धर्म में कुछ मान्यताएं ईसाई, यहूदी और अन्य प्राचीन धर्मों की भी हैं.

एसएफ/एमजे (एपी)

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