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दुनिया

मोदी के मामले में कड़ा फ़ैसला संभव: बीसीसीआई

बीसीसीआई ने कहा है कि आईपीएल के मामले में स्थिति गंभीर है और वह कड़े कदम उठाने को तैयार है. बोर्ड चाहता है कि मोदी अप्रैल 25 को आईपीएल खत़्म होने के बाद अपने पद से इस्तीफा दें.

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बैठक के बाद फ़ैसला

बीसीसीआई के मीडिया और वित्त समिति अध्यक्ष राजीव शुक्ला इस सिलसिले में आज, बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिल रहे हैं. बोर्ड के मुताबिक आईपीएल में वित्तीय अनियमितताओं की वजह से बोर्ड की छवि को नुकसान हुआ है.

बीसीसीआई के राजीव शुक्ल ने कहा कि 26 अप्रैल को आईपीएल के संचालन समिति की बैठक होने वाली है जिसमें कुछ ठोस फैसले लिए जाएंगे. आईपीएल प्रमुख ललित मोदी अपने पद से नहीं हटना चाहते लेकिन शुक्ला का कहना है कि इससे बीसीसीआई के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा. "इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि कोई अपने पद से इस्तीफा देना चाहता है या नहीं.

Lalit Modi von der Indian Premier League in Johannesburg, Südafrika

बुरे फंसे

शरद पवार और बीसीसीआई निदेशक शशांक मनोहर से मंगलवार को मुलाकात के बाद यह फैसला लिया गया है, अप्रैल 26 को संचालन समिति की बैठक में हम एक साथ तय किया जाएगा कि आगे क्या करना है." शुक्ला का मानना है कि इन फैसलों से क्रिकेट और बीसीसीआई का फ़ायदा होगा. ख़ास कर देश में क्रिकेट की छवि खराब नहीं होगी.

ललित मोदी पर आईपीएल के सिलसिले में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि उन्होंने फ़्रैंचाइज़ी में दोस्तों और परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता दी है. बीसीसीआई की ओर से दबाव के बावजूद मोदी अपने पद से इस्तीफा देने से इनकार कर रहे हैं.

मामला तब सामने आया जब मोदी ने कोच्ची फ़्रैंचाइज़ी की हिस्सेदारी को लेकर नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर में लिखा कि विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर की करीबी दोस्त सुनंदा पुष्कर की टीम में 70 करोड़ की हिस्सेदारी है. थरूर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है लेकिन इसके बाद अब मोदी भी आरोपों के घेरे में आ गए हैं. कहा जा रहा है कि आईपीएल की कम से कम तीन टीमों में उनकी हिस्सेदारी है.

रिपोर्टःपीटीआई/ एम गोपालकृष्णन

संपादनः आभा मोंढे

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