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जर्मन चुनाव

मोदी की शादी पर भाई की सफाई

बीजेपी के नरेंद्र मोदी की शादीशुदा जिंदगी पर उनके भाई ने सफाई दी है. मोदी ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है कि उनकी शादी हुई थी और उनकी पत्नी हैं.

गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी ने वडोदरा लोकसभा सीट पर नामांकन के साथ दिए हलफनामे में खुद के शादीशुदा होने की बात स्वीकार की है. इससे राजनीतिक गलियारों में उठी चर्चा के बीच उनके रिश्तेदारों ने विस्तार से सफाई दी.

40-50 साल पहले

मोदी के बड़े भाई सोमभाई मोदी ने बयान जारी कर कहा कि नरेंद्र मोदी "देश सेवा में लगे हैं और आज भी परिवार से दूर" हैं. सोमनाथ मोदी ने कहा, "40-50 साल पहले हुई उनकी शादी सिर्फ औपचारिकता थी क्योंकि उन्हीं दिनों उन्होंने देश सेवा के लिए सांसारिक भोग विलास को छोड़ते हुए गृहत्याग कर दिया था." मोदी का दावा है कि उन्होंने किशोरावस्था के बाद कुछ समय हिमालय की तराई में संन्यासी के तौर पर बिताए हैं.

सोमनाथ मोदी ने कहा कि उनके माता पिता भी कम पढ़े लिखे और गरीब थे, "उन्होंने उस वक्त की परंपरा के अनुसार बर्ताव करते हुए छोटी उम्र में मोदी की शादी करा दी थी." सोमभाई मोदी का कहना है कि उनका "पूरा परिवार देशवासियों से हाथ जोड़ कर विनती करता है कि मोदी की बचपन की घटना को आज की उनकी पद प्रतिष्ठा के आधार पर मूल्यांकित ना करें."

Narendra Modi Indien Ministerpräsident Gujarat

प्रधानमंत्री पद के दावेदार मोदी

जशोदाबेन पर रिपोर्टें

मीडिया में मोदी की पत्नी को लेकर कई बार रिपोर्टें छप चुकी हैं. हाल ही में एक अखबार ने 62 साल की जशोदाबेन का इंटरव्यू भी किया था. लेकिन मोदी ने कभी इस पर खुद बात नहीं की थी. अलबत्ता हाल की एक रैली में उन्होंने कहा, "मेरा कोई परिवार नहीं है. मैं भ्रष्टाचार करके किसे फायदा पहुंचाने की कोशिश करूंगा."

गुजरात के मुख्यमंत्री 63 साल के नरेंद्र मोदी पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. वह वाराणसी और वडोदरा से चुनाव मैदान में हैं. मोदी ने वडोदरा में नामांकन दस्तावेज में पत्नी के स्थान पर 'श्रीमती जशोदाबेन' का नाम लिखा. अब से पहले 2001, 2002, 2007 और 2012 में चार बार विधानसभा चुनावों के नामांकन में उन्होंने अपने वैवाहिक स्थिति के कॉलम को खाली छोड़ दिया था.

हिमालय में कुछ साल

लगभग 19 साल की उम्र में जशोदाबेन से शादी के बाद से ही मोदी का कथित तौर पर उनसे कोई नाता नहीं रहा. उनके गृहनगर वडनगर से लगभग 35 किलोमीटर दूर ब्रासणवाड़ा गांव की जशोदाबेन अब एक रिटायर शिक्षिका हैं. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मोदी की इस स्वीकारोक्ति के बाद विरोधी खेमा इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना सकता है.

जनवरी 2001 में विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद मोदी के मुख्यमंत्री बनने पर कांग्रेस ने उनके विवाह को मुद्दा बनाते हुए पर्चे वितरित किए थे. उनके नामांकन पत्रों में वैवाहिक स्थिति के कॉलम को रिक्त छोड़ने को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका को पिछले नवंबर में खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मामलों को चुनाव आयोग के क्षेत्राधिकार की बात करार दिया था. चुनाव आयोग ने इस बार नामांकन पत्र के सभी कॉलम को भरने की ताकीद की थी. समझा जाता है कि मोदी ने इसी वजह से कानूनी सलाह के बाद हलफनामे में अपने विवाहित होने का जिक्र किया है.

एजेए/एएम (वार्ता, एएफपी)

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