मोदी की पत्नी चाहती हैं अपनी सुरक्षा पर जानकारी | दुनिया | DW | 25.11.2014
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

मोदी की पत्नी चाहती हैं अपनी सुरक्षा पर जानकारी

सूचना के अधिकार के तहत मोदी की पत्नी जशोदा बेन ने आवेदन भेजा है कि उन्हें बताया जाए कि कानून की किस धारा के तहत उन्हें सुरक्षा दी जा रही है.

शिक्षिका के पद से सेवानिवृत्त हो चुकी 62 साल की जशोदा बेन ने पूछा है कि उन्हें सुरक्षा क्यों दी जा रही है. जशोदा बेन ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री की पत्नी हूं. मैं जानना चाहती हूं कि कानून और संविधान की कौन सी धारा और अनुच्छेद के तहत मुझे सुरक्षा दी जा रही है और प्रधानमंत्री की पत्नी होने के नाते और कौन सी सुविधाएं मुझे मिलती हैं."

रॉयटर्स समाचार एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा,, "मुझे हमेशा पांच सुरक्षा गार्ड घेरे रहते हैं. अक्सर मेरे रिश्तेदार या मैं उनके लिए खाना बनाते हैं. मेरी भाभी को उनके बिस्तर लगाने होते हैं. यह बहुत अप्रिय है और स्थिति और खराब हो जाती है जब मैं बाहर जाती हूं, क्योंकि मैं तो सार्वजनिक यातायात का इस्तेमाल करती हूं और गार्ड मुझे एसी गाड़ियों में फॉलो करते हैं."

मोदी की पत्नी अपने भाइयों के साथ रहती हैं क्योंकि नरेंद्र मोदी 45 साल पहले ही उन्हें छोड़ कर चले गए थे. उस वक्त वह दोनों किशोर थे. उन्होंने कभी मोदी से तलाक लेने के बारे में नहीं सोचा और आजीवन मोदी के भले की प्रार्थना करती रहीं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कभी अपनी पत्नी के बारे में नहीं बात की लेकिन उनके दोस्त और रिश्तेदारों के मुताबिक मोदी की शादी पारिवारिक व्यवस्था के तहत हुई थी जो उस समय की परंपरा थी, खासकर गरीबों के बीच.

जशोदा बेन के भाई अशोक मोदी ने कहा कि वह उनकी बहन का आरटीआई फाइल करने का फैसला सही मानते हैं. उन्होंने कहा, "मेरी बहन की सुरक्षा के लिए तैनात कमांडो को कोई आधिकारिक ऑर्डर नहीं मिला है जिसके कारण वह मेरे घर पर तैनात हैं."

भारतीय कानून के मुताबिक स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप प्रधानमंत्री और उनके नजदीकी परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होता है.

अशोक मोदी ने कहा, "मैं अपने जीजा के लिए शर्म का कारण नहीं बनना चाहता लेकिन मुझे किसी फैंसी देखभाल की जरूरत नहीं है. लेकिन मैं चाहता हूं कि सरकार ये समझे कि सुरक्षा गार्ड मेरे परिवार के लिए आर्थिक जिम्मेदारी बनते जा रहे हैं."

एएफपी समाचार एजेंसी के मुताबिक जशोदा बेन ने आरटीआई एप्लीकेशन में लिखा है, "इंदिरा गांधी को उनके ही बॉडीगार्ड ने मार दिया था. इसके कारण मैं डरी हुई हूं कृपया मुझे गार्ड्स के बारे में जानकारी दें."

उन्होंने अनुरोध किया है कि 48 घंटे के अंदर उन्हें जानकारी दी जाए क्योंकि यह जीवन और मृत्यु का सवाल है.

DW.COM

संबंधित सामग्री