मोदी का मामला अनुशासन समिति को | खेल | DW | 03.07.2010
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खेल

मोदी का मामला अनुशासन समिति को

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बीसीसीआई ने आईपीएल के निलंबित कमिश्नर ललित मोदी के मामले को अनुशासन समिति को भेजने का फ़ैसला लिया है. ललित मोदी पर भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और मनी लाउंडरिंग के आरोप हैं.

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ललित मोदी

भारतीय क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था ने मुंबई में हुई अपनी विशेष बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया को बोर्ड के अध्यक्ष शशांक मनोहर के स्थान पर अनुशासन समिति का नया सदस्य चुना. यह समिति 46 वर्षीय ललित मोदी के भविष्य के बारे में फ़ैसला लेगी. इस समिति में भारतीय जनता पार्टी से संबंध रखने वाले राजनीतिक-वकील अरुण जेटली के अलावा कारोबारी चिरायु अमीन भी हैं. सिंधिया का संबंध कांग्रेस पार्टी से है.

इससे पहले मोदी के वकील महमूद आबदी ने बीसीसीआई को पत्र लिखकर शशांक मनोहर से अनुशासन समिति का पद छोड़ने की मांग की थी और कहा था कि यह मानने की वजहें हैं कि मोदी के खिलाफ़ कुछ पूर्वाग्रह हैं. बोर्ड के सचिव एन श्रीनिवासन ने कहा है कि पेशे से वकील शशांक मनोहर मोदी को निष्पक्ष कार्रवाई का मौका देना चाहते थे.

Sharad Pawar Shashank Manohar BCCI

शरद पवार और शशांक मनोहर

बीसीसीआई द्वारा मोदी के भविष्य पर चर्चा के बीच भारतीय मीडिया में इस तरह की ख़बरें आ रही हैं कि बैठक में मोदी को हटाने का फ़ैसला लिया जाएगा. इसके अलावा आईपीएल को सफलता की बुलंदियों पर पहुंचाने वाले निलंबित कमिश्नर पर 1200 करोड़ रुपए का धोखाधड़ी का केस भी किया जाएगा.

बीसीसीआई जब मोदी के भविष्य पर चर्चा कर रहा है तो खुद मोदी दक्षिण अफ़्रीका में फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप का आनंद ले रहे हैं. शुक्रवार को दक्षिण अफ़्रीका से अपने ट्वीट में लिखा कि वे सॉकर सिटी स्टेडियम में हैं, फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप का आनंद उठा रहे हैं, अफ़्रीकी राष्ट्र का समर्थन कर रहे थे, लेकिन उसे बाहर निकलता देख निराश हैं.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: एम गोपालकृष्णन

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