मोदी और शरीफ की उफा में होगी मुलाकात | दुनिया | DW | 09.07.2015
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दुनिया

मोदी और शरीफ की उफा में होगी मुलाकात

रूस के उफा शहर में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन एससीओ की बैठक में भारत को पूर्ण सदस्यता की प्रक्रिया शुरू हो रही है. शिखर भेंट के मौके पर भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों की होगी मुलाकात.

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भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों की मई 2014 को नई दिल्ली में हुई मुलाकात का दृश्य

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरेशियन सहयोग संगठन में भारत का स्वागत किया है. इस संगठन का मकसद चीन समेत मध्य एशिया के ज्यादातर देशों को साथ लाकर एक मजबूत राजनीतिक और सुरक्षा गठबंधन बनाना है. रूस के उफा शहर में हो रही ब्रिक्स और एससीओ के दोहरे सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद पुतिन ने कहा, "हम भारत को एससीओ में पूर्ण सदस्य के रूप में सम्मिलित किए जाने की प्रक्रिया शुरु कर रहे हैं." भारत को एससीओ में फिलहाल ऑब्जर्वर का दर्जा प्राप्त है.

ब्रिक्स और एससीसो समूहों को दुनिया में पश्चिमी देशों के दबदबे को चुनौती देने वाले समूह और पुतिन को रूस का महत्व जताने का अवसर देने वाला माना जा रहा है. यूक्रेनी संकट शुरु होने के बाद से ही पश्चिमी देशों के साथ मॉस्को के ढीले पड़ते संबंधों से रूस को कई तरह की सैनिक और आर्थिक चुनौतियां झेलनी पड़ी हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अपनी मुलाकात में पाकिस्तानी आतंकी जकी-उर-रहमान लखवी का मुद्दा उठाया. मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड माने जाने वाले लखवी को पाकिस्तान में रिहा ना किए जाने की भारत की अपील को यूएन में चीन ने वीटो कर दिया था. शिनपिंग के साथ करीब 90 मिनट चली बैठक के बारे में पूछे जाने पर भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर ने केवल इतनी ही जानकारी दी कि इस विषय पर दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई. जयशंकर ने बताया कि भारत को संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता दिए जाने और न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप की सदस्यता पर भी चर्चा हुई.

इस बीच पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ उफा में शुक्रवार को शिखरभेंट के हाशिए पर भारतीय प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे. मंत्रालय के प्रवक्ता काजी खलीलुल्लाह ने कहा कि दोनों नेता विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे. दोनों देश सालों से अपने मतभेदों को दूर करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं. पिछले साल वार्ता प्रक्रिया की शुरुआत से ठीक पहले पाकिस्तानी राजदूत के कश्मीरी अलगाववादियों से मुलाकात के बाद भारत ने वार्ता रोक दी थी. दोनों देशों के बीच समय समय पर सीमा पर गोलीबारी के अलावा वाकयुद्ध चलता रहता है.

दूसरी ओर, भारत में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के बारे में दिए बयान पर सीधा जवाब दिए बिना यह दोहराया कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है. पाकिस्तानी मंत्री आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि अगर पाकिस्तान को "अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए" परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की जरूरत पड़ेगी तो वह "करेगा".

आरआर/एमजे (पीटीआई, डीपीए)

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