मोटापे के कारण पांच लाख लोगों को कैंसर | विज्ञान | DW | 29.11.2014
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विज्ञान

मोटापे के कारण पांच लाख लोगों को कैंसर

मोटापा यूं तो अपने आप में ही एक बीमारी है लेकिन यह जानकर सबको आश्चर्य होगा कि विश्वभर में हर साल कैंसर के साढ़े चार लाख से अधिक मामले मोटापे के कारण ही होते हैं.

द लांसेट ऑन्कोलाजी में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में शोधर्कताओं ने मोटापे और कैंसर के बीच संबंध का पता लगाया है. इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) के मेलिना एर्नॉल्ड की अगुवाई में किए गए एक शोध के अनुसार विकसित देशों में साल 2012 में कैंसर के कुल मामलों में से एक चौथाई मामले इस बीमारी का मुख्य कारण मोटापा था. अपने शोध के लिए डॉक्टर एर्नॉल्ड ने 2012 में 184 देशों में कैंसर और उससे होने वाली मौत के आंकड़ों को इकट्ठा कर एक मॉडल तैयार किया. बढ़ा हुआ बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) कैंसर के लिए उत्तरदायी है. व्यक्ति की ऊंचाई और वजन के जरिए बॉडी मास इंडेक्स निकाला जाता है.

अध्ययन से यह भी पता चला कि मोटापे के कारण महिलाओं को कैंसर का खतरा पुरूषों के मुकाबले अधिक होता है. महिलाओं में इससे गर्भाशय और स्तन का कैंसर जबकि पुरूषों में किडनी का कैंसर मोटापे की देन है.

डॉक्टर एर्नॉल्ड कहते हैं कि विकसित देशों में महिलाओं में कैंसर के आठ प्रतिशत मामले और पुरूषों में तीन प्रतिशत मामले बढ़े हुए वजन के कारण है. शोधर्कता कहते हैं कि ये आंकड़े बेहद चौकाने वाले हैं और इनसे वैश्विक स्तर पर मोटापे के बढ़ते मामलों पर तत्काल काबू पाने की आवश्यकता है.

सामान्य तौर पर मोटापे को मधुमेह, उच्च रक्तचाप या दिल की बीमारियों का जिम्मेदार माना जाता है. या फिर अक्सर स्त्री रोगों या हार्मोन असंतुलन के मामले में सलाह दी जाती है कि मोटापा कम करें या फिर शरीर में बॉडी मास इंडेक्स घटाएं. लेकिन इसका संकेत मिलना कि मोटापा कैंसर का भी कारण बन सकता है, यह खतरनाक है.

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