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जर्मन चुनाव

मैर्केल ने दी चुनाव से पहले चुनौतियों पर चेतावनी

जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने चुनाव से पहले जर्मनी की चुनौतियों के बारे में चेतावनी दी है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार उद्योग के विवादों से निबटने के साथ ही तुर्की से तनाव और उत्तर कोरिया भी मैर्केल के एजेंडे में हैं.

24 सितंबर के चुनाव से पहले संसद के आखिरी सत्र में अंगेला मैर्केल ने यूरोप से एकजुट रहने की अपील की है. खासतौर से तुर्की के राष्ट्रपति रैचेप तैय्यप एर्दोवान के उकसावों और उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को बंद कराने के सिलसिले में उन्होंने ज्यादा सक्रियता दिखाने को भी कहा.

मैर्केल की रूढ़िवादी क्रिश्चियन डेमोक्रैट पार्टी और उसकी बवेरियाई सहयोगी पार्टी क्रिश्चियन सोशल यूनियन ने संसदीय चुनाव से पहले के सर्वे में सुरक्षित बढ़त बना ली है. मंगलवार को संसद में मैर्केल ने कहा, "यूरोप दुनिया के लिए एक अहम आवाज है और इस आवाज का उत्तर कोरिया के मामले में जरूर इस्तेमाल होना चाहिए."

दक्षिण कोरिया और अमेरिका के राष्ट्रपतियों से उत्तर कोरिया के मसले पर चर्चा करने के बाद अंगेला मैर्केल ने जर्मन संसद को बताया कि यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों की इसी हफ्ते के आखिर में इस मुद्दे पर बैठक बुलायी गयी है. मैर्केल ने यूरोप से तुर्की के मसले पर भी एकजुट रहने को कहा. चांसलर ने सांसदों से कहा, "एर्दोवान की नजरों में इससे अनोखा कुछ नहीं है कि हम सार्वजनिक रूप से तुर्की के साथ रिश्तों पर असहमति जतायें. इससे यूरोप की स्थिति नाटकीय रूप से कमजोर होगी."

जर्मनी के कम से कम 10 नागरिकों को तुर्की में राजनीतिक आरोपों में गिरफ्तार किया गया है और जर्मन चुनाव प्रचार के आखिरी कुछ हफ्तों में यह मुद्दा दूसरे मुद्दों पर भारी पड़ रहा है. मैर्केल ने कहा कि उनकी योजना अक्टूबर में यूरोपीय नेताओं के सम्मेलन का इस्तेमाल तुर्की के साथ भविष्य के रिश्तों पर चर्चा करने की है. इसमें तुर्की को यूरोपीय संघ में शामिल करने को लेकर चल रही बातचीत को बंद करना भी शामिल है.

मैर्केल के लिए तुर्की की यूरोपीय संघ की सदस्यता के मुद्दे को उठाना इसलिये जरूरी हो गया है क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वी मार्टिन शुल्त्स ने रविवार की टीवी बहस के दौरान कहा कि चुनाव जीतने पर वह तुर्की के साथ सदस्यता पर बातचीत बंद कर देंगे.

जर्मन अर्थव्यवस्था में मौजूदा तेजी के बावजूद मैर्केल ने सांसदों से कहा कि यह आराम का वक्त नहीं है. उनका इशारा कार उद्योग के संकट में फंसने की ओर था.

जर्मन कार उद्योग देश का प्रमुख निर्यात है और इसमें आठ लाख से ज्यादा कामगार लगे हुए हैं. मैर्केल ने कहा, "हम इन सफलताओं पर नहीं रूक सकते." फोक्सवागन की कारों में उत्सर्जन के बारे में धोखा दने वाले किट के इस्तेमाल की स्वीकारोक्ती के दो साल बाद इस मामले में चुनाव में एक बड़े मुद्दे की शक्ल ले ली है. खासतौर से डीजल कारों पर प्रदूषण के चलते प्रतिबंध लगने की तैयारियों की वजह से भी. मैर्केल ने कहा, "हम प्रतिबंधों पर काम नहीं कर रहे हैं लेकिन हम कर्मचारियों और तकनीकी बदलावों के लिहाज से एक उचित परिवर्तन चाहते हैं." इसके साथ ही मैर्केल ने एक बार फिर इस धोखाधड़ी में शामिल कार कंपनियों को खरी खरी सुनाई. मैर्केल ने कहा कि उन्होंने ऐसी गलती की है जो माफी के काबिल नहीं है. साथ ही ये भी कहा कि कर्मचारियों पर उद्योग में भरोसे की कमी का बोझ नहीं पड़ना चाहिये.

चौथी बार चांसलर पद के लिए जनमत मांग रहीं मैर्केल ने सरकार के आर्थिक उपलब्धियों की तारीफ की और खुद को ऐसे नेता के रूप में पेश किया जो तकनीक में बदलाव के साथ चल सकता है. मैर्केल ने मजबूत अर्थव्यवस्था, कम बेरोजगारी और न्यूनतम मजदूरी लागू किये जाने को अपनी सरकार की उपलब्धि माना. हालांकि मैर्केल ने ये भी कहा कि फिलहाल देश एक चौराहे पर खड़ा है खासतौर से डिजिटल और तकनीकी विकास के कारण. मैर्केल ने ये भी कहा कि चुनाव जीतने पर वह जर्मनी को तकनीकी विकास की दौड़ में और आगे ले जाने के लिए प्रयास करेंगी.

एनआर/आरपी (डीपीए)

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