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दुनिया

मैगी: दो मिनट का मौन...

दो मिनट में तैयार होने वाली मैगी का जायका भारत में जुबानों का जाना पहचाना और पसंदीदा स्वाद है. मैगी में सीसे की मात्रा नुकसानदेह स्तर तक होने की खबर आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई.

उत्तर प्रदेश के बाद राजधानी दिल्ली में भी मैगी नूडल के नमूने 'असुरक्षित' पाए गए और दिल्ली सरकार ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने का फैसला किया है. टेस्ट किए गए 13 में से 10 नमूने असुरक्षित पाए गए. दि‍ल्‍ली के फूड सेफ्टी वि‍भाग ने सभी रि‍टेल स्‍टोर्स पर मैगी की बि‍क्री पर रोक लगा दी है. इनमें केंद्र सरकार की ओर से संचालित केंद्रीय भंडार और दिल्ली राज्य सरकार की ओर से चलाए जाने वाले स्टोर्स भी शामिल हैं. इससे पहले केरल सरकार ने अपने आउटलेट्स पर मैगी नूडल्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया और कर्नाटक में भी जांच के लिए मैगी के नमूने लिए गए हैं.

दिल्ली सरकार और मैगी इंडिया के अधिकारियों के बीच बैठक हुई है. इससे पहले केंद्रीय खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि सरकार मैगी जैसे मामलों से निबटने के लिए नया कानून बनाने की तैयारी कर रही है, जिसमें उम्रकैद तक का प्रावधान शामिल किया जा सकता है.

बिहार की एक अदालत ने मैगी का प्रचार करने वाले बॉलीवुड सितारों अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं. जबकि माधुरी दीक्षित नेने पर ब्रैंड एंबेसडर होने के नाते सबसे भारी तलवार लटक रही है. केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के अतिरिक्त सचिव जी गुरुचरण ने कहा, ''अगर कंपनी का ब्रैंड एंबेसडर विज्ञापन में उन खास गुणों के बारे में बोलता है जो कि उत्पाद में नहीं पाए जाते हैं तो उस पर कार्रवाई हो सकती है.'' माधुरी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस मामले पर चिंता जताते हुए कुछ इस अंदाज में अपना पक्ष रखा.

इन फिल्मी हस्तियों के चाहने वाले इस बात के पक्ष में नहीं हैं कि मैगी का प्रमोशन करने के कारण उन्हें इस मामले में धरा जाए.

उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के मुताबिक मैगी में मोनोसोडियम ग्लूटिमेट और सीसा तय सीमा से ज्यादा पाया गया है. हालांकि नेस्ले ने बयान जारी कर कहा है कि परीक्षणों से पता चला है कि उनके "उत्पाद में सीसे का स्तर निरंतर तय सीमा के अंदर पाया गया है." नेस्ले का यह भी कहना है कि वह भारत में बिकने वाले मैगी में मोनोसोडियम ग्लूटिमेट नहीं मिलाती. मैगी इंडिया के मुताबिक खाद और पानी में भी सीसा होता है, इसलिए कृषि पर निर्भर उत्पादों में सीसे का होना स्वाभाविक है.

मैगी में सीसे की खतरनाक मात्रा पर खुली चर्चा के बाद अब कोला जैसे अन्य उत्पादों से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले खराब असर के बारे में भी सवाल खड़े हो रहे हैं.


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