मैं खुद से कई सवाल करता हूं: रहमान | मनोरंजन | DW | 15.02.2014
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मनोरंजन

मैं खुद से कई सवाल करता हूं: रहमान

अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में भारतीय संगीत की नई पहचान बन चुके संगीतकार एआर रहमान की लोकप्रियता बर्लिन फिल्म महोत्सव में देखने लायक रही.

रहमान इम्तियाज अली निर्देशित फिल्म हाईवे के प्रीमियर के लिए बर्लिन पहुंचे. फिल्म रॉकस्टार के बाद इम्तियाज की अगली ही फिल्म में दोबारा रहमान का संगीत दोनों की बढ़ चुकी दोस्ती की तरफ भी इशारा करता है. जहां प्रीमियर पर दर्शकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में इम्तियाज ने कहा कि उनकी फिल्मों पर रहमान का अदृश्य हाथ रहता है, वहीं रहमान ने उनकी तारीफ दूसरे अंदाज में की. एआर रहमान के साथ डॉयचे वेले की बातचीत के कुछ अंश.

इम्तियाज के साथ दूसरी बार काम करना कैसे हुआ?

इम्तियाज एक उम्दा कलाकार हैं. वह हर बात की गहराई में जाते हैं और यही इनके बारे में मुझे खास लगता है. आम तौर पर निर्देशकों का काम करने का एक फार्मूला होता है. लेकिन वह वे फैसले लेते हैं जो बहुत स्वाभाविक या आम नहीं हैं. जैसे कि रॉकस्टार के समय जब मैंने उन्हें धुनें सुनाईं और उन्हें पसंद आईं तो मैंने उनसे पूछा क्या इससे फिल्म को कमाई मिलेगी? और उनका जवाब था, कमाई को छोड़िए, हम यही करेंगे.

क्या है जो आपके संगीत को अलग बनाता है, संगीत बनाते समय किन बातों पर ध्यान देते हैं?

संगीतकार होने के नाते हमें अपने आप में सतर्क रहना होता है. संगीत बनाते समय मैं खुद अपने आपसे पूछता हूं क्या मैं खुद इस साउंडट्रैक को उठा कर सुनना चाहूंगा? मैं इस तरह के सवाल अपने आप से हर बार करता हूं कि मैं जो काम कर रहा हूं वह मुझे क्यों करना चाहिए, मुझे उसे दोबारा क्यों सुनना चाहिए? मैं तब तक उस पर काम करता हूं जब तक वह खुद मुझे पसंद न आने लगे.

भारतीय और अंतरराष्ट्रीय संगीत प्रेमियों की पसंद में अंतर है. किस तरह के प्रोजेक्ट्स में आपकी ज्यादा रुचि है?

मैं काम करने की प्रक्रिया का मजा लेना चाहता हूं. और इसी आधार पर मैं अपने प्रोजेक्ट्स भी चुनता हूं. मैं उस समय बहुत व्यस्त था जब डैनी बॉयल ने मुझे फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर का प्रस्ताव भेजा. मैं सोच में पड़ गया कि मैं यह काम कैसे करूंगा. मैंने आशुतोष गोवारिकर को फोन किया और कहा मैं डैनी बॉयल के साथ यह फिल्म करना चाहता हूं. पैसे की बात छोड़ो मैं तो यह अनुभव चाहता हूं. तो डैनी बॉयल की फिल्म के लिए मुझे अपने दोस्त आशुतोष की फिल्म छोड़नी पड़ी. और फिर मुझे स्लमडॉग का संगीत तैयार करने में दो हफ्ते का समय लगा.

हाईवे में आपने एक गाना आलिया भट्ट से भी गवाया है, इसके पीछे क्या वजह थी?

यह इम्तियाज का सुझाव था. पहली बार तो मैंने कहा, क्या? लेकिन फिर जब मैंने आलिया को गाते हुए सुना तो मैंने पाया कि वह कई ऐसे ऊंचे सुर भी गा सकती हैं जो कई बार किसी ट्रेंड गायक के लिए भी गाना मुश्किल होता है. और इसी बात से प्रभावित होकर मैंने उनसे गवाने का फैसला किया. कई जगह हमें उनकी आसानी के हिसाब से बदलाव करने पड़े लेकिन मुझे उनकी आवाज बहुत पसंद है.

जिस तेजी से तकनीक बदल रही है, मशीनों से सुर सुधार लिए जाते हैं. क्या यह भी संभव है कि कुछ समय बाद गायक का प्रशिक्षित होना प्लेबैक गायकी में अहम न रह जाए?

ऐसा मत कहिए (हंसते हुए), मेरा खुद अपना एक संगीत संस्थान है जहां बच्चे संगीत सीखते हैं. एक तरह से दक्षिण भारत में लोग मुझे संगीत सीखने के ब्रैंड एंबैसेडर के रूप में देखते हैं. मैं चाहता हूं कि लोग संगीत सीखें. मैं उन्हें जैज़ और संगीत के अन्य रूपों के लिए भी प्रेरित करता हूं. संगीत के इन शानदार रूपों को जिंदा रहना चाहिए.

इंटरव्यू: समरा फातिमा

संपादन: महेश झा

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