मेड इन चाइना सोने की तस्करी | मनोरंजन | DW | 09.09.2013
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मनोरंजन

मेड इन चाइना सोने की तस्करी

चीन से लंबी ड्राइव के बाद ट्रक नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचा है. ट्रक में मेड इन चाइना कपड़े के थान हैं. लेकिन ड्राइवर की सीट के नीचे सफेद रंग का एक सिलेंडर थोड़ा शक पैदा कर रहा है.

इस सिलेंडर में भरा है 35 किलो सोना, जो तिब्बत से तस्करी करके लाया गया है और जिसकी कीमत करोड़ों में है. 24 साल के ड्राइवर को इस बात की जानकारी नहीं कि नेपाल को चीन से जोड़ने वाले राजमार्ग पर कोई उसका इंतजार कर रहा है, नेपाल पुलिस. वरिष्ठ पुलिस अफसर उत्तम कुमार करकी का कहना है, "हमें विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि सोने की एक खेप खासा के रास्ते आ रही है." खासा तिब्बत की सीमा पर लगा शहर है.

नेपाल की पुलिस और राजस्व विभाग का कहना है कि इस ट्रक को भारत ले जाने की योजना है, जहां इस साल तस्करी करके लाए गए सोने की बहुत मांग है. भारत सरकार ने इसी साल आयात शुल्क भी बढ़ा दिया है. भारत सरकार किसी तरह अर्थव्यवस्था को बेहतर करना चाह रही है, जिसमें विदेशों से आने वाले सोने पर रोक भी शामिल है.

नेपाल में पुलिस ने इस साल पहले के मुकाबले ज्यादा गैरकानूनी ट्रकों को पकड़ा है, जिन्हें भारत ले जाने की योजना थी. भारत और नेपाल के बीच वीजा की जरूरत नहीं, लेकिन सीमा पर जांच जरूर होती है. नेपाल के राजस्व अधिकारी आनंद राज ढकाल कहते हैं, "भारत में सोने की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है. इसलिए तस्करों की यह पसंद बन गया है."

पिछले छह महीने में नेपाल में 69 किलो सोना पकड़ा गया है. इनमें से ज्यादातर तिब्बत से लाया गया है. पिछले साल सिर्फ 18 किलो सोना पकड़ा गया था. लेकिन नेपाल पुलिस के प्रवक्ता नवराज सिलवाल का कहना है कि यह तो सिर्फ 'दिखाई देने वाले दांत' हैं. उनके मुताबिक तस्करी किए हुए सोने में से सिर्फ 10 फीसदी पकड़ा जा सका है. जुलाई में नेपाल के कई उद्योगपतियों को भी तस्करी के आरोप में पकड़ा गया. काठमांडू के बाहरी हिस्से में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, उन सबके पास चार चार किलो सोना था. उन्होंने ये जूतों में छिपा रखा था. पुलिस के डिप्टी सुप्रिटेंडेंट चक्रबहादुर सिंह के मुताबिक इस सोने को भी भारत ले जाने की योजना थी.

Symbolbild Goldpreis Gold Goldbarren

सोने के दीवाने

सिलवाल का कहना है कि तस्करी के घिसे पिटे तरीके के अनुसार ट्रकों में आम सामान के साथ सोना भी चीन के रास्ते लाने की कोशिश की जाती है. उनके मुताबिक भारत और नेपाल की सीमा पर बसा रक्सौल तस्करी का गढ़ बनता जा रहा है, "सोने के तस्कर भारत के साथ जमीनी रास्ते से जाने की कोशिश करते हैं क्योंकि भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा है. अब ज्यादातर सोना चीन से आ रहा है क्योंकि हमने काठमांडू एयरपोर्ट की सुरक्षा कड़ी कर दी है."

उन्होंने कहा, "हमें पता चला है कि भारत के कई महिला पुरुष सोना खरीदने सीमावर्ती इलाकों में आ रहे हैं क्योंकि नेपाल में सोने की कीमत कम है." भारत सोने का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वाला देश है. उसके बाद चीन का नंबर आता है. भारत में जेवर, सिक्के और सोने के बिस्कुट रखना शान की बात मानी जाती है. कई लोग इसे महंगाई के खिलाफ प्रतिरोधक भी मानते हैं.

भारत में सोने की जितनी मांग है, उसकी अधिकतर मात्रा बाहर से आती है. विदेशी मुद्रा के लिहाज से कच्चे तेल के बाद भारत में सबसे ज्यादा खर्च सोने पर होता है. हाल के दिनों में भारतीय मुद्रा यानी रुपये की कीमत बेतहाशा घटी है और इसका असर उसकी अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है. अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले सरकार आर्थिक स्थिति बेहतर करना चाहती है.

हालांकि आयात शुल्क बढ़ा दिया गया है, फिर भी जुलाई में सोने का आयात जुलाई में 2.9 अरब डॉलर का हुआ, जो पिछले महीने के 2.45 अरब डॉलर से काफी ज्यादा है.

तस्करों का कहना है कि इस तरह की मांग उनके लिए फायदेमंद है. पिछले दिनों एक तस्कर को जब नेपाल पुलिस ने पकड़ा, तो पता चला कि इससे पहले तीन बार वह तस्करी के दौरान पुलिस की नजर से बच गया, चौथी बार में पुलिस उसे पकड़ पाई. उसे एक ट्रक में नौ किलो सोना लाते हुए पकड़ा गया.

एजेए/एएम (एएफपी)

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