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दुनिया

मृत्युदंड देने में चीन अब भी सबसे आगे

चीन में मौत की सजा का मसला गोपनीयता से भरा है. यहां अब भी हर साल हजारों लोगों को फांसी की सजा दी जाती है. पिछले कुछ सालों के दौरान इसमें कमी जरूर आयी है लेकिन पूरी दुनिया के मुकाबले यह अब भी अधिक है.

चीन के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के मुताबिक पिछले एक दशक के दौरान मृत्युदंड दिये जाने में कमी आयी है. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 में दुनिया भर में तकरीबन 1,032 मृत्युदंड के मामले सामने आये. इस आंकड़े में चीन को शामिल नहीं किया गया है क्योंकि यहां सरकार इसे गुप्त रूप से करती है. एमनेस्टी का मानना है कि चीन में हर साल हजारों लोगों को मौत की सजा दी जाती है, लेकिन पुख्ता जानकारी के अभाव में इसका आंकड़ा पेश नहीं किया जा सकता.

चीन के मानवाधिकार समूह दुई हुआ के कार्यकारी निदेशक जॉन काम के मुताबिक देश में पिछले साल तकरीबन 2,000 फांसियां हुईं, जो एक दशक पहले के 6,500 मामलों के मुकाबले कम है. यह आंकड़ा भी निचली अदालतों में आये मामलों और सरकारी अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर सामने आए हैं. 

एमनेस्टी के मुताबिक अगर चीन के आंकड़ों को मिलाकर देखा जाये तो साल 2015 के मुकाबले साल 2016 में दुनिया भर में मृत्युदंड में करीब 37 फीसदी की कमी आयी है. हालांकि चीनी प्रशासन की ओर से अब तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं आयी है. चीन के मुख्य न्यायाधीश जाउ क्यिांग ने पिछले महीने कहा था कि बीते एक दशक के दौरान देश में फांसी की सजा के मामले काफी कम हुये हैं.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय चीन पर लगातार यह दवाब बनाता आया है कि वह मृत्युदंड से जुड़े प्रावधानों में बदलाव करें. साल 1983 में चीन की प्रांतीय अदालतों के पास भी मृत्युदंड देने का अधिकार था, जिसके कारण यह आंकड़ा 24 हजार को भी पार कर गया था. चीन इन सजायाफ्ता कैदियों की मौत के बाद उनके अंगों को काटकर विदेशों में बेच देता था. इसकी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी आलोचना हुई और साल 2015 के बाद इस पर प्रतिबंध लगाया गया.

चीन के सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट के सामने 2007 में मृत्युदंडों की अनदेखी का मामला पहुंचा. इसके बाद सरकार ने कुछ अपराधों के लिए मृत्युदंड की सजा दिए जाने का प्रावधान बदला. उसके बावजूद, अब भी चीन में तीन दर्जन से भी अधिक ऐसे अपराध हैं, जिनके लिए मृत्युदंड दिया जा सकता है. इनमें देशद्रोह, अलगाववाद, जासूसी, हत्या, बलात्कार, मानव तस्करी, आगजनी और चोरी जैसे अपराध शामिल हैं. चीन के एक कानूनविद् हॉन्ग डाओडे के मुताबिक पिछले साल मृत्युदंड पाने वाले करीब 90 फीसदी लोग हत्या के दोषी पाए गए थे. मृत्युदंड की सजा पर दुनिया के 198 देशों में से केवल 104 देशों में ही प्रतिबंध है.

एए/आरपी (एपी)

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