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मंथन

मुफ्त का एनकोडेड चैट ऐप

ईमेल, वॉट्सऐप या ट्विटर, सब कुछ दुनिया भर में फैले इन करोड़ों स्मार्टफोनों पर होता है. लेकिन हैकरों के आगे वॉट्सऐप जैसे कई ऐप निढाल खड़े हैं. अब एक जर्मन कंपनी ऐसे खतरों से बचाने वाला ऐप ला रही है, वह भी मुफ्त में.

दुनिया भर में रोज वॉट्सऐप के जरिए 18 अरब संदेश आते जाते हैं. सारे संदेश कोडेड नहीं होते. वॉट्सऐप-फेसबुक सौदे के बाद अब दुनिया भर के 45 करोड़ लोगों के टेलीफोन नंबर, फोटो और एड्रेस, फेसबुक के पास हैं. सूचना युग में यह जानकारी बेशकीमती खजाने की कम नहीं.

जर्मन सॉफ्टवेयर कंपनी डिजिट्रेड, वॉट्सऐप के टक्कर वाला चैट ऐप निकालना चाहती है. डिजिट्रेड के सॉफ्टवेयर एक्सपर्टों ने एक मेसेंजर तैयार किया है जो फोटो, संदेश और डाटा को एनकोड करके भेजता है. डिजिट्रेड के लियोनिड गिमबुट कहते हैं, "हमारा मकसद है लोगों को एक मौका देना, जिससे वह आपस में कोडेड संपर्क कर सकें और सुरक्षित तरह से संपर्क कर सकें. हर व्यक्ति को भरोसा होगा कि उसके संदेश कोई तीसरा नहीं पढ़ रहा है. हमने सोचा है कि हम यह ऐप मुफ्त रखेंगे."

लेकिन कंपनी पैसा कैसे कमाएगी? ऐप शिफरी का एक और वर्जन बनाया जाएगा जो दूसरी कंपनियों के लिए होगा. डिजिट्रेड डाटा सिक्योरिटी में महारथी है. वो यूरोप की अकेली कंपनी है जो खास लोगों के डाटा को सेव करने की हार्ड डिस्क बनाती है. गिमबुट के मुताबिक,"सिर्फ हमारे हार्डडिस्क सर्टिफाइड हैं. हमारे पास अलग अलग देशों के सर्टिफिकेशन है. सर्टिफिकेशन इस बात का सबूत है कि हमारी हार्ड डिस्क पर सरकारी दफ्तरों और सरकारी कर्मचारियों के पर्सनल डाटा सेव किये जा सकते हैं."

हार्ड डिस्क को अपने खास चिप वाले कार्ड के बिना नहीं पढ़ा जा सकता. इसके साथ 8 डिजिट वाला पिन भी चाहिए. डिजिट्रेड जर्मन आईटी सुरक्षा संघ टेलीट्रस्ट का सदस्य है और इस पर जर्मन इंटरनेट कानून लागू होते हैं, जो दुनिया के सबसे कड़े कानूनों में हैं. कंपनी के मुताबिक शिफरी के सारे सर्वर जर्मनी में ही हैं, "हम केवल जर्मन सर्वरों में दिखते हैं और हम इस बात पर खास ध्यान भी देते हैं. यह तो आज की दुनिया में सुरक्षा बंदोबस्त है लेकिन ऐप में भी सुरक्षा के लिए सही कदम उठाए गए हैं. ऐप में सारे संदेश एनकोडड हैं यानी अगर हमारे सर्वर हैक भी होते हैं या कोई हमारे सर्वर पर गलत तरीके से आता है तो उसे ऐसी कोई जानकारी नहीं मिलेगी जिससे उसे कोई फायदा हो."

उपभोक्ता अब इंटरनेट पर अपनी सुरक्षा को लेकर और सतर्क होते जा रहे हैं. ऐसे में शिफरी जैसे ऐप्स के लिए संभावनाएं भी खुलती जा रही हैं.

एमजी/ओएसजे़

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