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दुनिया

मुंबई रेप कांड में 4 दोषी करार

महिला पत्रकार के साथ हुए सामूहिक बलात्कार मामले में मुंबई की एक अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया है. पांचवें और नाबालिग आरोपी पर अलग से मुकदमा चल रहा है. इस पर शुक्रवार को सजा सुनाए जाने की संभावना है.

पिछले साल 22 अगस्त को मुंबई में शक्ति मिल के पास 22 साल की एक महिला पत्रकार के साथ युवकों ने सामूहिक बलात्कार किया. हादसे के समय वह अपने एक पुरुष सहकर्मी के साथ फोटोग्राफी के असाइनमेंट पर थी. न्यायाधीश शालिनी फंसलकर जोशी ने कहा, "चारों को जबरन सेक्स का दोषी पाया गया है."

नाबालिग सहित पांचों आरोपियों पर बलात्कार, अप्राकृतिक सेक्स और सूचना तकनीक कानून संबंधी अपराधों और सबूतों को नष्ट करने का मुकदमा चलाया गया. न्यायाधीश जोशी के मुताबिक पांच में से चार अभियुक्त कासिम हफीज शेख, मुहम्मद सलीम अंसारी, सिराज रहमत खान और विजय मोहन जाधव को इन मामलों में दोषी पाया गया. उनके मुताबिक इन चारों को कल उम्र कैद की सजा सुनाई जा सकती है. इनकी उम्र 18 से 27 साल के बीच बताई जाती है. पांचवां आरोपी नाबालिग बताया जा रहा है, जिसकी सुनवाई किशोर अदालत में अलग से हो रही है.

तीन अभियुक्तों जाधव, अंसारी और शेख पर एक अन्य मामले में टेलीफोन ऑपरेटर के साथ बलात्कार का मामला भी चल रहा है. मुंबई पत्रकार का मामला सामने आने के बाद टेलीफोन ऑपरेटर ने पुलिस में इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई. महिला पत्रकार के बलात्कार से एक महीने पहले इसी मिल में टेलीफोन ऑपरेटर के साथ यह घटना हुई.

इस हादसे के समय संयुक्त पुलिस अधीक्षक रहे हिमांशु रॉय ने भारतीय समाचार चैनल एनडीटीवी से कहा, "इस फैसले से भविष्य में इस तरह के अपराध को अंजाम देने वालों तक सख्त संदेश पहुंचेगा." उन्होंने कहा जिस हिम्मत से पीड़िता ने इस मामले में सहयोग किया "उसे बयान करने के लिए शब्द नहीं हैं".

पुलिस के अनुसार हादसे के समय महिला पत्रकार को बीयर की टूटी बोतलें दिखा कर डराया धमकाया गया. जिस समय उसके साथ बलात्कार किया गया उसके सहकर्मी को बुरी तरह पीट कर बेल्ट से बांध दिया गया. घटना के बाद महिला को इलाज के लिए कई दिन अस्पताल में रहना पड़ा. अक्टूबर में अदालत में बयान देते समय उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई. पुलिस के मुताबिक बलात्कार करने वाले चार आरोपी बेरोजगार हैं जिनमें से तीन मिल के पास ही झुग्गी में रहते हैं. अपने इलाके में भी वे शराब पीने और चोरी जैसे मामलों के लिए बदनाम हैं.

दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को एक छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार और बाद में उसकी मौत के मामले के बाद भारत में ऐसी घटनाओं को लेकर संवेदनशीलता बढ़ गई है. दिल्ली बलात्कार कांड के बाद भारत में कानूनों में भी बदलाव किए गए. पिछले साल सितंबर में निचली अदालत ने दिल्ली रेप कांड के चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई.

एसएफ/एजेए (एएफपी)