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दुनिया

मुंबई धमाकों में दो को मौत की सजा अबू सलेम को उम्रकैद

मुंबई सिलसिलेवार धमाकों के मामले में दो लोगों को मौत की सजा मिली है जबकि अबू सलेम के साथ एक और दोषी को मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनायी है.

मुंबई धमाकों में ताहिर मर्चेंट और फिराज खान को मौत की सजा सुनायी गयी है. इसी मामले में अबू सलेम और करीमुल्लाह खान को उम्रकैद की सजा मिली है जबकि एक और दोषी रियाज सिद्दिकी को 10 साल के कैद की सजा मिली है. अबू सलेम पर विशेष टाडा अदालत ने 2 लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया है.

 

इसी साल जून में कोर्ट ने छह लोगों को इस मामले में दोषी करार दिया था. इन सभी को टाडा के तहत आपराधिक साजिश, हत्या और ऐसी आतंकवादी गतिविधि में शामिल होने का दोषी माना गया जिसमें लोगों की जान गयी.  छठा व्यक्ति मुस्तफा दोसा दोषी करार दिये जाने के कुछ ही दिनों बाद चल बसा. इस मामले में दोषी करार दिये गये दूसरे लोग हैं ताहिर टकला, करीमुल्लाह खान, रियाज सिद्दिकी और फिरोज अब्दुल राशिद खान. सीबीआई ने इस मामले की जांच के बाद अबू सलेम के लिए उम्र कैद की सजा मांगी थी. अबू सलेम को 2005 में पुर्तगाल से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था. मुस्तफा दोसा भी संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित किया गया था.

यह 1993 के मुंबई धमाकों की सुनवाई का दूसरा चरण है जिसमें सात लोगों पर मामला चल रहा था. अदालत ने अब्दुल कयूम नाम के एक शख्स को बरी कर दिया है. मुकदमे के पहले चरण की सुनवाई 2007 में पूरी हो गयी थी, जिसमें 100 लोगों को दोषी करार दिया गया था. 2015 में याकूब मेमन को इसी मामले में दोषी करार दिये जाने के बाद फांसी की सजा दे दी गयी थी.

1993 में कुछ ही मिनट के अंतर पर अलग अलग इलाकों में हुए 13 बम धमाकों ने मुंबई को दहला दिया था. इसमें बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, झावेरी बाजार, एयर इंडिया बिल्डिंग और कई होटलों को निशाना बनाया गया था.

इस मामले में दाउद इब्राहिम भी आरोपी है लेकिन भारत की पुलिस अब तक उसे गिरफ्तार नहीं कर पायी है. भारतीय जांच एजेंसियों का कहना है कि ये धमाके अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के कहने पर किये गये थे जो बाबरी मस्जिद के गिराये जाने का बदला लेना चाहता था. 1992 में 6 दिसंबर को हिंदू कट्टरपंथियों ने बाबरी मस्जिद गिरा दी थी, जिसके बाद देश भर में दंगे भड़क उठे थे.

एनआर/एके (रॉयटर्स)

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