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जर्मन चुनाव

मीरवाइज ने खारिज की केंद्र की पहल

हुर्रियत कांफ्रेस के उदारवादी धड़े के नेता मीरवाइज उमर फारूक ने कश्मीर मुद्दे पर केंद्र सरकार की आठ सूत्रीय पहल को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तो बस उमर अब्दुल्लाह की सरकार की मदद करना चाहती है.

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मंजूर नहीं केंद्र की पहल

पिछले हफ्ते सर्वदलीय शिष्टमंडल के कश्मीर दौरे के बाद गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इस पहल की घोषणा की जिसमें ताजा बातचीत और घाटी की सुरक्षा समीक्षा भी शामिल है. हुर्रियत कांफ्रेस के उदारवादी धड़े की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, "जिन कदमों की घोषणा हुई है, वे वादों को पूरा नहीं करते. ये कदम प्रशासनिक हैं. इनका मकसद मुश्किलों में घिरी राज्य की सरकार को राहत पहुंचाना है."

हुर्रियत का कहना है कि केंद्र सरकार मुआवजे और रियायतें देकर मुख्य मुद्दे से लोगों का ध्यान हटाना चाहती है. घाटी में तीन महीनों से जारी हिंसा 107 लोगों की जान ले चुकी है. शनिवार को गृह मंत्री ने आठ सूत्रीय योजना की घोषणा की जिसमें ताजा बातचीत के लिए एक समूह बनाने की बात भी शामिल है. गृह मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उन 255 प्रदर्शनकारियों को भी रिहा कर देगी, जिन्हें सुरक्षा बलों पर पथराव के आरोप में गिरफ्तार किया गया.

सैयद अली गिलानी के नेतृत्व वाला हुर्रियत कांफ्रेंस का कट्टरपंथी धड़ा पहले ही केंद्र सरकार की पहले को खारिज कर चुका है. अलगाववादी नेताओं का कहना है कि राजनीतिक या आर्थिक रियायतों से नहीं बल्कि कश्मीर मुद्दे के हल के जरिए ही घाटी में स्थायी शांति कायम हो सकती है.

इस बीच सोमवार को श्रीनगर और उत्तरी कश्मीर के तीन कस्बों को छोड़कर पूरी घाटी में कर्फ्यू हटा लिया गया है. हालांकि चार से ज्यादा लोगों के जमा होने पर पाबंदी जारी रहेगी. पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि श्रीनगर, बारामूला जिले के सोपेर कस्बे, कुपवाड़ा और उसके पास ही क्रालोपुरा में कर्फ्यू जारी रहेगा. इन्हें छोड़ कर घाटी के सभी हिस्सों से कर्फ्यू हटा लिया गया है.

रविवार को घाटी में शांति ही रही लेकिन सोमवार को कई जगह से पथराव की खबरें मिली. दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में कुछ युवाओं ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे को रोका. जब सुरक्षा बलों ने उन्हें हटाने की कोशिश की, पथराव होने लगा. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षा बलों ने हवा में फायरिंग की. सूत्रों का कहना है कि इस घटना में किसी को चोटें नहीं आई लेकिन एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. रावलपुरा, नौगांव और बाटामालू कस्बों से भी पथराव की खबरें मिली हैं.

उधर लगभग 100 दिन तक बंद रहने के बाद कश्मीर घाटी में सोमवार को स्कूल खुल गए. सुबह के वक्त कई इलाकों में कर्फ्यू और अन्य पाबंदियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने बच्चों और उन्हें स्कूल छोड़ने जा रहे माता पिता को जाने दिया. हालांकि हुर्रियत कांफ्रेस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली गिलानी ने लोगों से अपने बच्चों को स्कूल न भेजने को कहा है. इसी वजह से स्कूलों में उपस्थिति कम ही रही.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः आभा एम