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विज्ञान

मिल गया 156 साल पहले गायब हुआ जहाज

कनाडा में पुरातत्वविदों ने ऐसे जहाज के टुकड़ों को खोज निकाला जो 150 से भी ज्यादा साल पहले आर्कटिक की बर्फ में गायब हो गया था. इस जहाज ने ही उत्तर पश्चिमी रास्ता खोजा, जिसकी खासी अहमियत है. जहाज के टुकड़े सही सलामत हैं.

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बर्फ की वजह खोजना मुश्किल

इंग्लैंड के जहाज एचएमएस इन्वेस्टिगेटर ने सोनार तकनीक के जरिए समुद्र की गहराई में पड़े कुछ टुकड़ों की फोटो खींचकर भेजीं. इन तस्वीरों को देखते ही पुरातत्विद फौरन उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में मर्सी बे साइट पर पहुंच गए. इन्वेस्टिगेटर को 1845 में गायब हुए उन दो जहाजों को खोजने के लिए भेजा गया था जो 1845 में रॉयल नेवी अभियान का हिस्सा थे. यह अभियान अटलांटिक को पैसिफिक से जोड़ने के लिए उत्तर पश्चिमी रास्ता खोजने के लिए भेजा गया.

पार्क्स कनाडा संस्था के साथ जुड़े पानी के नीचे पुरातत्व महत्व की चीजों के विशेषज्ञ बर्नियर ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि इसी जहाज ने उत्तर पश्चिमी रास्ते की खोज की. कुछ पुरातत्वविदों ने तो इसे कोलंबस की जहाजों की खोज के बराबर माना है. इस जहाज के टुकड़ों को सही सलामत रखने में बर्फीले पानी ने अहम भूमिका निभाई है.

ये टुकड़े उस जगह के पास ही मिले हैं जहां 1854 में आखिरी बार इस जहाज के होने की जानकारी मिली. यह जगह बहुत अलग थलग है और किनारे से काफी दूर है. यहां पानी भी अकसर जमा ही रहता है. इसीलिए जहाज को खोजने में इतने साल लग गए. इस साल खोजी टीम को बर्फ कम मिली.

बर्नियर कहते हैं कि यह हैरतअंगेज रूप से सही सलामत है. वह बताते हैं, “हम इसलिए भी भाग्यशाली रहे कि डूबने के बाद जहाज अपनी जगह से बहुत ज्यादा दूर नहीं गया.” अब पुरातत्वविद इस जहाज की और ज्यादा तस्वीरें लेंगे ताकि इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाई जा सके. तस्वीरें लेने के लिए उसी तरह रोबॉट का इस्तेमाल किया जा सकता है जैसा फिलहाल मेक्सिको की खाड़ी में तेल रिसाव रोकने के काम में इस्तेमाल किया जा रहा है

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः एस गौड़

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