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जर्मन चुनाव

मिनटों पहले बदला कार्यक्रम बना राह का रोड़ा

भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत उम्मीदों पर खरा नहीं उतरी और प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दोनों पक्ष उखड़े नजर आए. विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के कार्यक्रम में आखिरी मिनट में हुए फेरबदल शायद इसकी वजह बनी.

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अब जो खबरें सामने आ रही हैं उनके मुताबिक इस्लामाबाद में कृष्णा और कुरैशी के बीच हो रही वार्ता की शुरुआत अच्छी रही. भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बीच बातचीत का पहला सत्र सुबह 11 बजे शुरू हुआ और करीब पांच घंटे तक चला. इतनी लंबी बातचीत पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से भी आगे बढ़ गई. दोनों ने साथ लंच भी किया. कृष्णा का कार्यक्रम दोपहर 3.20 पर बातचीत समाप्त कर 3.30 बजे प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी से मिलने का था. इसके बाद कृष्णा को शाम 5.30 बजे राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मिलना था.

लेकिन जाने से सिर्फ 15 मिनट पहले कृष्णा को बताया गया कि कार्यक्रम में थोड़ा फेरबदल हुआ है और जरदारी से मुलाकात पहले होगी. जिस समय कृष्णा को गिलानी से मिलना था उस समय पाकिस्तान सेना के प्रमुख अशफाक परवेज कयानी प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी से मिले. सैन्य प्रमुख कयानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से पहले ही बात कर चुके थे.

कयानी और पाकिस्तानी नेताओं से मुलाकात के बाद जारी आधिकारिक विज्ञप्तियों के अनुसार देश में सुरक्षा व्यवस्था और सेना से जुड़े अन्य मुद्दों की चर्चा हुई. लेकिन कृष्णा के जरदारी और गिलानी से मिलने के बाद जब कुरैशी के साथ उनकी फिर बातचीत शुरू हुई तो माहौल पूरा बदल चुका था. पाकिस्तान का रुख सख्त हो गया और भारतीय पक्ष का कहना है कि इससे वार्ता में गतिरोध आ गया. भारत का आरोप रहा है कि पाकिस्तानी सरकार सेना के दबाव में काम करती है जिससे दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य करने में दिक्कतें पेश आती हैं.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: आभा एम

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