मिंस्क वार्ता के बाद यूक्रेन में संघर्ष विराम | दुनिया | DW | 12.02.2015
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दुनिया

मिंस्क वार्ता के बाद यूक्रेन में संघर्ष विराम

रूसी राष्ट्रपति ने पूर्वी यूक्रेन में संघर्ष विराम का एलान किया है. बेलारूस की राजधानी मिंस्क में जर्मनी, फ्रांस और यूक्रेन के शीर्ष नेताओं के साथ चली मैराथन बातचीत के बाद पुतिन ने एक समझौते पर पहुंचने का एलान किया.

मिंस्क वार्ता बुधवार शाम शुरू हुई. वार्ता के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको बार बार एक दूसरे को नजरअंदाज करते देखे गए. इस तल्खी के बावजूद वार्ता रात भर चली और सुबह 14 घंटे से ज्यादा समय गुजरने के बाद रूस, यूक्रेन, जर्मनी और फ्रांस के नेता शांति बहाली के समझौते पर पहुंचे. समझौते के तहत 15 फरवरी से यूक्रेन के संकटग्रस्त इलाकों में संघर्ष विराम लागू हो जाएगा. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, "हम मुख्य मुद्दे पर समहत होने में कामयाब रहे."

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसोआ ओलांद के मुताबिक "गंभीर समझौता" हो चुका है, अब इसे अमल में लाना बाकी है. फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह और जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल संघर्ष विराम की प्रक्रिया की पुष्टि करने के लिए वचनबद्ध हैं. उन्होंने संघर्ष विराम समझौते को "यूरोप के लिए राहत" बताया.

यूक्रेन में राजनीतिक उथल पुथल दिसंबर 2013 में शुरू हुई. बीते साल अप्रैल में पूर्वी यूक्रेन में राजनीतिक गतिरोध ने हिंसा की शक्ल ले ली. 2014 में पूर्वी यूक्रेन का क्रीमिया अलग होकर रूस में शामिल हो गया. यूक्रेन ने इसका कड़ा विरोध किया. वहीं मॉस्को ने इसे क्रीमिया के लोगों के जनमत संग्रह का सम्मान बताया. क्रीमिया के बाद रूस समर्थक इलाकों लुहांस्क और डोनेत्स्क में यूक्रेन के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह शुरू हो गया.

पूर्ण स्वायत्ता की मांग

यूक्रेन का आरोप है कि रूस विद्रोहियों को हथियार और सैन्य मदद दे रहा है. विद्रोही पूर्ण स्वायत्ता की मांग कर रहे हैं. इस संघर्ष का शिकार मलेशियन एयरलाइंस की फ्लाइट एमएच 17 भी हुई. जुलाई 2014 में हुए उस हादसे में विमान में सवार सभी 298 लोग मारे गए. इसके बाद भी संघर्ष जारी रहा. एक तरफ यूक्रेन की सेना है तो दूसरी तरफ रूस समर्थक अलगाववादी. इस संघर्ष में अब तक कम से कम 5,300 लोगों की मौत हो चुकी है. हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है.

संघर्ष की वजह से यूक्रेन और रूस की अर्थव्यवस्था भी हिचकोले खाने लगी. यूक्रेन दिवालिया होने की कगार पर है तो पश्चिम के प्रतिबंधों के चलते हालत खस्ता होती जा रही है. विश्व बैंक की प्रमुख क्रिस्टीन लागार्द ने यूक्रेन के लिए 17.5 अरब डॉलर का वित्तीय राहत प्लान बनाया है. आईएमएफ की डील के तहत यूक्रेन को अगले चार साल तक 40 अरब डॉलर की वित्तीय मदद दी जाएगी.

ओएसजे/आईबी (एएफपी, एपी, डीपीए)

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