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खेल

माराडोना देंगे इंग्लैंड के क्लब को कोचिंग !

अर्श और फर्श के बीच बार बार सफर करने वाले डिएगो माराडोना जल्द ही उस देश की टीम को फुटबॉल के गुर सिखाते नजर आ सकते हैं, जिसके खिलाफ उन्होंने फुटबॉल इतिहास का सबसे विवादित गोल किया था. वह एस्टन विला से जुड़ सकते हैं.

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अगर अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम में उनकी जगह पूरी तरह ब्लॉक हो जाती है, तो वह इंग्लिश प्रीमियर लीग की टीम एस्टन विला को कोचिंग देने इंग्लैंड आ सकते हैं. यूरोप में माराडोना के प्रतिनिधि वॉल्टर सोरियानो का कहना है कि अगर एस्टन विला ऐसा कोई प्रस्ताव रखता है, तो माराडोना पूरी गंभीरता से इस पर विचार कर सकते हैं. विला के मैनेजर की इसी हफ्ते छुट्टी हो गई है.

हालांकि अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयरस में मराडोना के एक करीबी दोस्त का कहना है कि इस बात की संभावना कम ही है कि मैराडोना उस देश में जाकर फुटबॉल की कोचिंग दें, जिसके खिलाफ 1986 के वर्ल्ड कप में उन्होंने हाथ से एक बेहद विवादित गोल किया था. माराडोना के दोस्त का कहना है, "मेरे ख्याल से यह बहुत सही नहीं लगता है. मैं यह नहीं कह रहा हूं कि यह असंभव है. लेकिन इस बात की संभावना बहुत कम है."

माराडोना के करीबी दोस्त का कहना है कि वह अभी भी अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम को ज्यादा तरजीह देंगे क्योंकि दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं. फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना की टीम जर्मनी से 0-4 से हार गई. इसके बाद कोच मैराडोना की छुट्टी कर दी गई. उनकी जगह सर्गियो बतिस्ता को राष्ट्रीय टीम की कोचिंग का जिम्मा दिया गया है और उनकी अगुवाई में टीम ने पहले मैच में आयरलैंड को 1-0 से हराया है.

Diego Maradona

जर्मनी से मिली मिली हार ने निराश किया

1986 के वर्ल्ड कप में माराडोना ने सेमीफाइनल मैच में इंग्लैंड के खिलाफ हाथ से गोल कर दिया था. रेफरी इस बात को नहीं भांप पाया था और गोल मान लिया गया. अर्जेंटीना यह मैच 2-1 से जीत गया और आखिरकार चैंपियन भी बना. माराडोना ने बाद में मान लिया कि उनके हाथ से गोल हुआ लेकिन उन्होंने इसे भगवान का हाथ करार दिया. अर्जेंटीना में माराडोना को सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में गिना जाता है और उनके नाम से एक चर्च की भी स्थापना की गई है.

इस बीच, यूरोप में मैराडोना के प्रतिनिधि सोरियानो का कहना है, "मुझे लगता है कि डिएगो इंग्लैंड आने पर राजी हो सकते हैं. अगर एस्टन विला के मालिक रैंडी लर्नर उन्हें गंभीरता से पूछेंगे तो वह हां में जवाब दे सकते हैं."

माराडोना 1970 के दशक में कभी खुद भी इंग्लिश प्रीमियर लीग में शामिल हो रहे थे लेकिन उनकी फीस इतनी ज्यादा थी कि उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया. बाद में उन्होंने अर्जेंटीना के बोका जूनियर्स से क्लब फुटबॉल खेली. वह स्पेन के बार्सिलोना और इटली के नेपोली क्लब के लिए भी फुटबॉल खेल चुके हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए जमाल

संपादनः एन रंजन

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