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दुनिया

मादुरो के हाथ वेनेजुएला की कमान

वेनेजुएला ने मामूली अंतर से सत्ता की बागडोर निकोलस मादुरो को सौंपी है. 1998 में सत्ता पर काबिज होने से लेकर पिछले महीने कैंसर से जूझते ह्यूगो चावेज की आखिरी सांस तक मादुरो उनके साथ थे.

किसी जमाने में बस ड्राइवर रहे मादुरो यूनियन के नेता बने और फिर वेनेजुएला के विदेश मंत्री. खुद को चावेज का 'बेटा' और 'शिष्य' कहने वाले मादुरो रविवार को चुनाव जीत कर अब उनके 'उत्तराधिकारी' भी बन गए हैं. चुनाव अधिकारियों के मुताबिक मादुरों को कुल 50.66 फीसदी जबकि विपक्षी उम्मीदवार हेनरिक कैपरिलेस को 49.07 फीसदी वोट मिले. हेनरिक ने चुनावों को मान्यता देने से इनकार कर दिया है. मादुरो को चावेज ने खुद ही अपना उत्तराधकारी चुना था. उनका चुनाव अभियान भी चावेज की छवि के इर्द गिर्द ही घूमता रहा.

50 साल के मादुरो ने पिछले महीने कहा था, "मैंने कभी इसकी कल्पना नहीं की थी, कभी कभी मुझे लगता है कि मैं सिर्फ सोच रहा हूं, कमांडेंट का चले जाना एक बुरा सपना है." चावेज की मौत के बाद से ही मादुरो ने पूर्व राष्ट्रपति के आक्रामक अंदाज को अपना लिया है. वो समाजवादी क्रांति को आगे ले जाने की बात करते हैं और हेनरिक को "छोटा बुर्जुआ" बताते हैं. चावेज हमेशा

अमेरिका पर वेनेजुएला के खिलाफ साजिश के आरोप लगाते थे, मादुरो का भी कहना है कि अमेरिकी अधिकारी उन्हें मारने की साजिश कर रहे हैं. मादुरो अकसर ही चावेज के परिवार वालों के साथ घिरे नजर आते हैं. उन्होने चावेज के दामाद जोर्गे अरियाजा को उप राष्ट्रपति बनाने का भी एलान किया है.

चावेज के कदमों पर चलने के बावजूद उन्होंने अपना अलग अंदाज भी दिखाया. रैलियों में प्रचार करने अपनी बस खुद चला कर जाना और लोगों की भारी भीड़ के सामने बोंगो बजाना और हेनरिक की नकल उतारना यह सब इनमें शामिल हैं. ज्यादातर प्रचार रैलियों में उन्होंने अपनी बीवी और पूर्व अटॉर्नी जनरल सिलिया फ्लोरेस को किस भी किया. मादुरो ने जब यह कहा कि चावेज की आत्मा एक छोटी सी चिड़िया के रूप में उनके पास आई थी और उन्होंने सीटी बजा कर उसे विदा किया तो विरोधियों ने उनका खूब मजाक उड़ाया. मादुरो ने इसका भी फायदा उठाने की सोची और हर बार रैली में जब तोते उड़ाये जाते तो वो सीटी बजाते रहे.

रविवार को चुनाव के बाद उन्होंने कहा, "मैंने अपना वोट इस छोटी चिड़िया को दिया है जो आजाद हो कर उड़ती है." 1962 में पैदा हुए मादुरो जब युवा थे जब एनिग्मा नाम के एक रॉक बैंड के लिए गिटार बजाते थे. यूनियन के कार्यकर्ता बनने के पहले वह राजधानी की मेट्रो सेवा में बस चलाते थे. 1992 में जब चावेज तख्तापलट करने में नाकाम रहे तब मादुरो ने उनके अंगरक्षक के रूप में काम किया और फिर उसके बाद एक वामपंथी राजनीतिक पार्टी के कामरेड के रूप में. विदेश मंत्री बनने से पहले 2005 से 2006 के बीच मादुरो नेशनल एसेंबली के अध्यक्ष थे. पिछले साल चावेज ने उन्हें उप राष्ट्रपति बनाया तब तक वो विदेश मंत्री के रूप में ही काम कर रहे थे. देश के राजनयिकों के प्रमुख के रूप में मादुरो ने वेनेजुएला का रिश्ता पश्चिम विरोधी ईरान, सीरिया और क्यूबा से मजबूत किया और वामपंथी विचारों वाले लैटिन अमेरिकी देशों का एक गुट खड़ा किया.

मादुरो को चावेज के करीबी लोगों में उदार और व्यावहारिक माना जाता है. छह साल तक विदेश मंत्री के रूप में उन्होंने काफी कूटनीतिक दक्षता हासिल की हालांकि चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने कठोर रुख बनाए रखा. चावेज ने दिसंबर में इलाज के लिए क्यूबा जाने से दो दिन पहले उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया और वेनेजुएला के लोगों से आग्रह किया कि अगर वो वापस नहीं लौटे तो मादुरो को ही वोट दें. तब चावेज ने कहा था, "युवा होने के बाद भी उसके पास बहुत अनुभव है."

एनआर/एएम एएफपी

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