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दुनिया

माइनस 41.3 डिग्री तापमान में जब फंसे ट्रेन के मुसाफिर

स्वीडन के एक गांव में गुरुवार को तापमान शून्य से 41.3 डिग्री नीचे चला गया. यह सर्दी में उन 100 मुसाफिरों पर खासी भारी पड़ी जिनकी ट्रेन रात में खराब हो गई और वे पूरी रात फंसे रहे.

स्वीडन के अधिकारियों का कहना है कि देश के उत्तरी हिस्से में दर्ज किया गया यह इस मौसम का सबसे कम तापमान है. माइनस 41.3 डिग्री तापमान वाली इस रात में एक ट्रेन के मुसाफिरों को बहुत तकलीफ उठानी पड़ी. गैलीवारे शहर से दक्षिण में 50 किलोमीटर दूर इस गांव के पास ही यह ट्रेन खराब हो गई और इस कारण लोग रात भर वहां फंसे रहे.

मुसाफिरों ने एक स्थानीय अखबार एनएसडी को बताया कि उन्होंने एक दूसरे से चिपककर जाड़े को भगाने की कोशिश की. बाद में गांव वाले उन्हें स्थानीय सामुदायिक भवन में ले गए. कई घंटों बाद ट्रेन के इंजन में बिजली बहाल हुई और तड़के एक इंजन आया और उसे लुलेइया शहर तक ले कर गया.

ऐसा होता है बर्फीला तूफान

स्कैंडेनेवियन इलाके में बहुत अधिक सर्दी पड़ती है, लेकिन गुरुवार को अधिकारी पारे के इतने नीचे चले जाने की उम्मीद नहीं कर रहे थे. इसकी वजह से 500 किलोमीटर लंबी रेल लाइन पर कई घंटों तक यातायात बाधित रहा. इस रेल लाइन को मालमबानान के नाम से जाना जाता है जो स्वीडन के सबसे उत्तरी इलाके किरुना को नॉर्वे के बंदरगाह शहर नारविक से जोड़ती है. माल ढुलाई के अलावा इस लाइन पर मुसाफिर ट्रेनें भी चलती हैं.

उत्तरी नॉर्वे और उत्तरी फिनलैंड में भी इन दिनों जमा देने वाली सर्दी पड़ रही है. नॉर्वे के कारासयोग में बुधवार को तापमान माइनस 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. स्वीडन के मौसम विज्ञान संस्थान एसएमएचआई का कहना है कि उसके रिकॉर्ड में अब तक सबसे कम तापमान माइनस 52.6 डिग्री दर्ज है. यह तापमान लैपलैंड क्षेत्र की पहाड़ियों में स्थित वोगातजामले इलाके में 2 फरवरी 1966 को दर्ज किया गया था.

एके/वीके (डीपीए)

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