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दुनिया

महिला समानता से बहुत दूर है दुनिया

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि दुनिया अभी भी पुरुषों और महिलाओं के बीच समानता से काफी दूर है. उन्हें न तो समान वेतन मिल रहा है और न ही आर्थिक, राजनीतिक नेतृत्व में महिलाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है.

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न्यूयॉर्क में जारी 'द वर्ल्ड्स वीमेन 2010' रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी दफ्तरों और गैर सरकारी उद्यमों में फैसला लेने वाली जगहों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व अत्यंत कम है. पिछले साल दुनिया भर में सरकार और मुल्क का नेतृत्व करने वालों में सिर्फ 14 महिलाएं थीं. दुनिया भर के 500 बड़े उद्यमों में सिर्फ 13 का नेतृत्व महिलाओं के हाथों है.

Symbolbild Gleichberechtigung Iran Frauen

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि दुनिया भर में काम करने वाली महिलाओं की संख्या में वृद्धि हुई है और वे अपना पैसा कमा रही हैं. लेकिन साथ ही विश्व संस्था ने इस पर चिंता व्यक्त की है कि उन्हें उनके पुरुष सहयोगियों का सिर्फ 70 से 90 फीसदी मिल रहा है.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार सिर्फ 52 फीसदी महिलाएं रोजगार में हैं जबकि पुरुषों का औसत 77 फीसदी है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार विश्व भर में महिलाओं की तुलना में लगभग पौने छह करोड़ अधिक पुरुष हैं.

चिंता का एक क्षेत्र अकेली मांए भी हैं. रिपोर्ट के अनुसार बच्चों की अकेले परवरिश करने वाले बापों की तुलना में अकेली मांए अक्सर गरीब होती हैं. अफ्रीका के अधिकांश देशों और एशिया के हर दूसरे देश में संपत्ति के मामले में महिलाओं की कानूनी स्थिति पुरुषों से खराब है.

स्थिति अभी भी अत्यंत खराब होने की बात स्वीकार करने के बावजूद संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का दावा है कि स्थिति बेहतर हो रही है. पश्चिमी और मध्य अफ्रीका में अभी भी 60 फीसदी लड़कियां स्कूल का मुंह नहीं देखती, लेकिन 1999 से 2007 के बीच विश्व भर में स्कूल जाने वाली लड़कियों का औसत 79 से बढ़कर 86 फीसदी हो गया है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: आभा एम

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