महासभा में फीफा की परीक्षा | खेल | DW | 30.05.2013
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खेल

महासभा में फीफा की परीक्षा

अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ की इस हफ्ते होने वाली महासभा की बैठक में आलोचना सहने और सुधार करने की तैयारी की परीक्षा है. फीफा पिछले दो साल एक के बाद एक कांडों से जूझ रहा है.

फीफा के अध्यक्ष सेप ब्लाटर ने मंगलवार को कार्यकारिणी की बैठक में पिछले साल किए गए सुधारों की जानकारी दी, लेकिन मॉरीशस में दो दिनों की बैठक से पहले अधिकारियों की उम्र और कार्यकाल की सीमा तय करने के प्रस्ताव को एजेंडे से हटा दिया गया. इस फैसले के बाद इस मुद्दे पर 2014 से पहले न तो कोई बहस हो पाएगी और न ही कोई फैसला हो पाएगा.कार्यकारिणी की बैठक के बाद फीफा ने कहा, "चूंकि सदस्य संगठनों के बीच कार्यकाल और उम्र सीमा पर कोई समझौता नहीं हो पाया, इन मुद्दों पर व्यापक विश्लेषण की जरूरत है." अब कांग्रेस से इसे 2014 में ठोस प्रस्तावों के साथ एजेंडे पर रखने को कहा जाएगा.

अब फीफा के 209 सदस्य देश संघ में अधिक पारदर्शिता और जिम्मेदारी लाने के प्रस्तावों पर वोट करेंगे. सुधार प्रक्रिया को गंभीरता से न लेने के आरोपों पर ब्लाटर दलील देते हैं, "यह कहना गलत होगा कि हम अच्छा नहीं कर रहे हैं." लेकिन दो साल की सुधार प्रक्रिया के दौरान फीफा द्वारा नियुक्त सलाहकारों की दलील है कि फीफा के सुधारों में काट छांट कर दी गई है और ब्लाटर का मिशन उच्चतम स्तर से नीचे रह गया है. इन सलाहकारों में भ्रष्टाचार विरोधी संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल और स्विस प्रोफेसर मार्क पीथ के नेतृत्व वाली एक विशेषज्ञ टीम भी शामिल थी.

इसके विपरीत ब्लाटर का कहना है कि उनकी संस्था सही रास्ते पर है और उसने बहुत कुछ हासिल कर लिया है. ब्लाटर ने फीफा वेबसाइट को बताया, "दरअसल हम उसी रोड मैप पर चल रहे हैं, जो 2011 में फीफा कांग्रेस में बनाई गई थी. तब से हम जो कुछ भी किया गया है उस पर पारदर्शी रहे हैं, और हमने स्वतंत्र गवर्नेंस कमेटी के ज्यादातर निर्देशों का पालन किया है."

फीफा से पारित एक प्रस्ताव के बाद कांग्रेस पहली बार कार्यकारिणी में एक महिला सदस्य का चुनाव करेगी. अब तक इसमें सिर्फ पुरुष सदस्य रहे हैं. 77 वर्षीय ब्लाटर एक बार फिर कह सकते हैं कि वे और एक कार्यकाल के लिए उपलब्ध हैं, हालांकि 2011 में उन्होंने कहा था कि यह उनका अंतिम कार्यकाल होगा. वे 1998 से फीफा के अध्यक्ष हैं. अगला चुनाव दो साल बाद होगा, तब वे 83 साल के होंगे.

ब्लाटर ने साफ कर दिया है कि वे फीफा अधिकारियों के लिए उम्र की सीमा तय करने के खिलाफ हैं. हालांकि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति में अध्यक्ष पद के कार्यकाल की सीमा है, लेकिन समिति के सदस्य ब्लाटर का कहना है कि ऐसी समय सीमा को भेदभाव वाला समझा जा सकता है. "मैं कह चुका हूं कि मैं उम्र की सीमा के खिलाफ हूं क्योंकि यह कोई उचित शर्त नहीं है. 60,70 या 80 में हर कोई एक जैसा नहीं होता. असल बात जुनून होती है." अब आने वाले दिनों में सदाबहार ब्लाटर पर सारी निगाहें केंद्रित होंगी, जो इस बात का इंतजार करेंगी कि वे अपने भविष्य के बारे में क्या कहते हैं या क्या संकेत देते हैं.

कांग्रेस में ब्राजील में विश्व कप की तैयारी पर चर्चा के अलावा फुटबॉल में हाल में उभरे नस्लवाद और मैच फिक्सिंग को रोकने के प्रयासों पर भी चर्चा होगी. बर्लिन में इस हफ्ते यूनेस्को की ओर से दुनिया भर के खेल मंत्रियों की बैठक हुई है, जिसमें मैच फिक्सिंग के खिलाफ साझा रुख तय किया गया है और बर्लिन घोषणा जारी की गई है.

एमजे/एएम (एपी, डीपीए)

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