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दुनिया

मलेशिया की राजधानी में बनेंगे सभी धर्मों के मंदिर

मलेशिया की प्रशासनिक राजधानी पुत्रजाया में बहुधार्मिक केंद्र बनाने का काम शुरू हो गया है. देश की आबादी में 60 प्रतिशत मुसलमान हैं जबकि बाकी दूसरे धर्मों के हैं.

राजधानी में बहुधार्मिक केंद्र बनाने के मौके पर वाणिज्य मंक्षी ओंग का चुआन ने कहा, "यह संविधान द्वारा गारंटी धार्मिक स्वतंत्रता के लिए हमारी सरकार की प्रतिबद्धता का सबूत है." राजधानी में मस्जिद पहले से है. अब बौद्ध मंदिर का निर्माण शुरू हुआ है. मलेशिया के दैनिक द स्टार के अनुसार यहां हिंदू मंदिर भी बानाया जाएगा. ईसाई, ताओवादियों और सिख प्रार्थना भवनों के लिए भी जमीन का आवंटन कर दिया गया है.

मलेशिया की प्रशासनिक राजधानी और सरकार का मुख्यालय पुत्रजाया में है जो राजधानी कुआलालंपुर से 30 किलोमीटर दूर है. देश की आबादी 3.2 करोड़ है जिसमें 60 प्रतिशत मुसलमान हैं. बाकी 40 प्रतिशत आबादी में दूसरे धर्मों के लोग हैं. राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि सरकार द्वारा राजनीतिक लक्ष्यों के लिए इस्लाम के इस्तेमाल और मलेशिया में इस्लाम पर सऊदी अरब के बढ़ते प्रभाव के कारण धार्मिक स्वतंत्रता लगातार संकुचित होती जा रही है.

सरकार के समर्थन से विपक्षी इस्लामिक पार्टी पीएएस इस समय मलेशिया में शरियत के आधार पर इस्लामी आपराधिक कानून लागू करने की वकालत कर रही है. मलेशिया के संविधान में धर्म की स्वतंत्रता है, लेकिन इसमें यह भी कहा गया है कि इस्लाम देश का धर्म है और शांति और सहिष्णुता में दूसरे धर्मों का पालन किया जा सकता है.

एमजे/ओएसजे (केएनए)

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