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दुनिया

मलयेशिया में मच्छर ही लड़ेंगे डेंगू से

कहते हैं जहर ही जहर को काटता है. इसी तर्ज पर मलयेशिया में लगातार पैर पसारते डेंगू बुखार से निपटने की रणनीति बनाई गई है. मच्छर से फैलने वाले इस बुखार को रोकने के लिए मच्छरों को ही तैयार किया जा रहा है.

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इस काम को अंजाम देंगे जेनेटिकली मॉडिफाइड मच्छर यानी, ऐसे मच्छर जिन्हें जैव संवर्धित तरीके से खास तौर पर डेंगू के मच्छरों से लड़ने के लिए तैयार किया गया है. मलयेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक ने इस योजना का खुलासा करते हुए बताया कि डेंगू फैलाने वाले मच्छरों से लड़ने के लिए नर मच्छरों को तैयार किया गया है.

इन्हें जंगलों में छोड़ दिया जाएगा जहां डेंगू के मच्छर पनपते हैं. जैव संवर्धित नर मच्छर और डेंगू फैलाने वाले मादा मच्छरों से निषेचन के फलस्वरूप जो मच्छर पैदा होंगे उनका जीवनकाल काफी कम होगा. जिससे डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की आबादी अपने आप कम हो जाएगी. इससे डेंगू पर काबू पाने में तत्काल प्रभाव से मदद मिलेगी.

Stechmücke Malaria

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि जल्द ही अमल में लाया जाने वाला यह प्रयोग सफल रहेगा. मलयेशिया में डेंगू का कहर पिछले सालों की तुलना में काफी बढ़ गया है. इस साल अब तक डेंगू से मरने वालों की संख्या 117 हो गयी है. यह पिछले साल की तुलना में 65 प्रतिशत ज्यादा है.

स्वास्थय मंत्रालय के अधिकारी चिम लुआ चेंग ने बताया कि प्रयोगशाला में 2000 से 3000 हजार के बीच जेनेटिकली मॉडीफाइड मच्छर तैयार किए गए है. इन्हें छोड़ने से पहले इस योजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलना जरूरी है. अधिकारियों को इस पर मंजूरी मिलने का ही इंतजार है.

रिपोर्टः एपी/निर्मल

संपादनः वी कुमार

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