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दुनिया

मलबा खोजने में भारतीय मदद

मलेशिया एयरलाइंस के लापता विमान की खोज अब हिंद महासागर तक पहुंच गई है. मलेशिया ने भारत से अंडमान के समंदर में विमान का मलबा खोजने में मदद मांगी है. मलबे की खोज में अब पूरी दुनिया ही जुट गई है, हर कोई मदद कर सकता है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा, "मलेशिया और भारत लगातार संपर्क में हैं और कांटेक्ट बिंदुओं पर चर्चा चल रही है. इन्हीं कांटेक्ट बिंदुओं से निश्चित रूप से ऐसी मदद मिल सकती है जो भारत दे सकता है." अंडमान निकोबार द्वीप समूह में भारतीय नौसेना के बेड़े हैं. भारतीय नौसेना इस इलाके में गश्त लगाती रहती है. उसके गश्ती जहाज मलक्का जलडमरूमध्य तक जाते हैं.

मलेशिया के परिवहन मंत्री हिशामुद्दीन हुसैन के मुताबिक अब जांच का दायरा बढ़ाकर 27,000 वर्ग नॉटिकल मील कर दिया गया है. कई देशों की सेनाओं और नागरिक उड्डयन संस्थाओं के आंकड़ों को भी मिलाया जा रहा है. खोज अभियान में 39 विमानों, 42 जहाजों के साथ सेटेलाइटों का भी सहारा लिया जा रहा है. चीन ने भी अब अपनी सेटेलाइटों की सेंटिंग बदलकर उन्हें दक्षिण चीन सागर की ओर फोकस कर दिया है. सेटेलाइटों में हाई रिजोल्यूशन दूरबीन, इंफ्रारेड कैमरे और माइक्रोवेव डिटेक्टर लगे हैं.

आम लोगों का सहयोग

दुनिया भर के कई जिज्ञासु लोग भी विमान के मलबे की खोज में जुट गए हैं. अमेरिकी सेटेलाइट कंपनी डिजिटलग्लोबल ने भी दक्षिण चीन सागर के 3,200 वर्ग किलोमीटर इलाके की तस्वीरें इंटरनेट पर डाली हैं. आम लोगों से कहा गया है कि वो चाहें तो तस्वीरों में मलबे जैसी चीज को पहचानने की कोशिश करें और संदिग्ध चीजों को टैग करें.

मलबा ढूंढने के काम में अब जापान भी उतर गया है. चीन ने जापान के इस कदम की सराहना की है. लंबे वक्त बाद पूर्वी और दक्षिणपूर्वी एशिया के देश एक दूसरे की मदद करते दिखाई पड़ रहे हैं.

कैसी कैसी अटकलें

विमान 11,000 मीटर की ऊंचाई पर अचानक कैसे लापता हुआ, इसे लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं. कुछ विशेषज्ञों को लगता है कि विमान 11 किलोमीटर की ऊंचाई पर ही टूट गया होगा और उसका मलबा सैकड़ों किलोमीटर के दायरे में फैल गया होगा. कुछ को लगता है कि विमान तकनीकी गड़बड़ी के चलते अचानक नीचे आने लगा होगा और उसका रास्ता बदला होगा. कुछ को लगता है कि विमान रबर के पेड़ों के घने जंगल में क्रैश हुआ हो सकता है. शनिवार से लापता इस विमान में 239 लोग सवार थे.

मलेशिया एयरलाइंस के मुताबिक लापता विमान आखिरी फ्लाइट से 12 दिन पहले मेंटेनेंस से गुजरा था. उस दौरान विमान में कोई शिकायत नहीं मिली. मलेशिया एयरलाइंस को यह विमान 2002 में मिला था. तब से विमान 53,465.21 घंटे उड़ान भर चुका था. 2012 में विमान शंघाई एयरपोर्ट पर चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस के विमान से टकराया था. टक्कर की वजह से विमान के एक डैने की टिप टूट गई थी. डैने विमान को मोड़ते हैं और हवा में स्थिर रखते हैं.

ओएसजे/एमजे (एएफपी, रॉयटर्स)

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