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जर्मन चुनाव

मरते भारतीय पर हंसते पुलिसवाले पकड़े

ऑस्ट्रेलिया के कुछ बड़े पुलिस अधिकारी एक मरते भारतीय का मजाक उड़ाते पकड़े गए हैं. भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त को समन भेज पूछा है कि ऑस्ट्रेलिया ने इन पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई की.

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ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत के इन पुलिस अधिकारियों ने एक दूसरे को कई बार यह वीडियो ईमेल के जरिए भेजा. उन्होंने टिप्पणी भी की कि भारतीय छात्रों की समस्याओं को ठीक करने का यही तरीका है. इन लोगों के बीच एक ईमेल भेज भेजा गया जिसमें करंट लगने से एक व्यक्ति मरता दिखाई देता है. इन्होंने इस वीडियो पर मजाकिया टिप्पणियां भी की.

भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त पीटर वर्गीस से पूछताछ करें कि नस्लवादी ईमेल भेजने वाले पुलिस अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई है.

वर्गीस ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है, "ये ईमेल आक्रामक और स्वीकार करने योग्य नहीं है. ये ऑस्ट्रेलिया के आदर और सहनशीलता के मूल्यों के बिलकुल विपरीत है. "

अखबार हेराल्ड सन ने यह रिपोर्ट छापी है कि भारत में एक ट्रेन की छत पर यात्रा कर रहे एक भारतीय की करंट लगने से मौत का वीडियो पुलिस अधिकारी ईमेल के जरिए भेज रहे हैं. इस वीडियो में दिखाई देता है कि जब ट्रेन एक स्टेशन पर रुकी तो एक व्यक्ति खड़ा हुआ और उसने ऊपर से गुजरते बिजली के तार को छू लिया. वह फौरन करंट की चपेट में आ गया.

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अखबार ने लिखा है कि उसकी जानकारी के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के कुछ सबसे बड़े पुलिस अधिकारी इस कांड में शामिल हैं. इसके अलावा वे एक दूसरे को पोर्नोग्राफिक मटिरियल भी भेज रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह के ईमेल भेजने के बारे में हुई जांच के बाद कई इंस्पेक्टर पकड़ में आए हैं. ईमेल की जांच एथिकल स्टैंडर्ड्स डिपार्टमेंट (ईएसडी) ने की है. कुछ अन्य ईमेल में नस्लवादी, अश्लील और हिंसक मटेरियल भी मिला है.

इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए चीफ कमिश्नर सिमोन ओवरलैंड ने कहा कि ये ईमेल परेशान करने वाले और अपमानजनक हैं. विक्टोरिया की सरकार के प्रमुख जॉन ब्रंबी ने भी इस घटना की आलोचना की है. उन्होंने कहा, "यह बहुत अपमानजनक है और विक्टोरियाई समुदाय की सहनशीलता और सम्मान की नीतियों के खिलाफ है."

ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीयों ने भी इस घटना की आलोचना की है. भारतीय छात्रों के संघ के प्रवक्ता गौतम गुप्ता ने कहा कि इससे उन्हें बहुत दुख पहुंचा है.

हेराल्ड सन ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इस घटना के बाद दो सुपर इनटेंडेंट को जल्द से जल्द रिटायर होने के बारे में कहा गया है जबकि एक सार्जेंट और तीन कॉन्सटेबल को हटा दिया गया है. निचले रैंक के छह अधिकारियों पर या तो जुर्माना किया गया है या फिर उनके पद घटा दिए गए हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः आभा एम

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