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दुनिया

मनी लॉन्डरिंग में फंसा साइप्रस

छोटा देश, लेकिन बड़ी मुश्किलें. साइप्रस भी दिवालिया होने की राह पर है. उसे राहत पहुंचाने की कोशिशों के बीच मनी लाउंडरिंग का मसला सामने आ गया है. यूरो जोन ने एक निजी कंपनी से जांच करवाने का फैसला किया है.

ब्रसेल्स में यूरो जोन के सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक के बाद ग्रुप के नए प्रमुख येरोन डीसेलब्लूम ने कहा, "हमें इसकी फौरन जरूरत है." साइप्रस के लिए सहायता पैकेज का फैसला वहां राष्ट्रपति चुनाव के तुरंत बाद मार्च में होगा.

साइप्रस ने 2012 की गर्मियों में वित्तीय मदद के लिए आवेदन दिया था. साढ़े 17 अरब यूरो के पैकेज में 10 अरब यूरो बैंकों की मदद के लिए है. लेकिन वही मनी लाउंडरिंग के आरोपों के घेरे में हैं. मनी लाउंडरिंग ऐसी प्रक्रिया है, जिसके तहत काले धन को सफेद बनाया जाता है.

मनी लाउंडरिंग के आरोप

साइप्रस की सरकार ने अपने बैंकों द्वारा मनी लाउंडरिंग के आरोपों से फिर से इनकार किया है. वित्त मंत्री वासोस शियार्ली चाहते थे कि साइप्रस में बैंकों द्वारा मनी लाउंडरिंग के आरोपों की जांच के लिए यूरो जोन किसी निजी अकाउंटेंसी कंपनी से न कहे. लेकिन यूरो जोन ने उनकी यह बात नहीं मानी. जर्मनी के वित्त मंत्री वोल्फगांग शौएब्ले ने कहा, "हमने आज एक बार फिर साफ कह दिया कि साइप्रस को मनी लाउंडरिंग के मानकों को लागू करने को विश्वसनीय रूप से रिकॉर्ड करने के लिए एक स्वतंत्र संस्थान की सेवा लेनी चाहिए. यह केंद्रीय मुद्दा है."

EU Finanzminister Büssel 12.02.2013

वोल्फगांग शौएब्ले (दाएं)

डीसेलब्लूम ने यह कहने से इनकार कर दिया कि बेलआउट के सिलसिले में निजी खाताधारियों और बॉन्ड धारकों को नुकसान नहीं झेलना होगा. इसके बदले नीदरलैंड्स के वित्त मंत्री ने कहा कि साइप्रस पर सिर्फ यह बहस हुई कि वह मनी लाउंडरिंग को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठा रहा है या नहीं. साइप्रस के बैंक ग्रीस के साथ अपने रिश्तों के कारण मुश्किल में फंस गए. खासकर जर्मनी में उनकी इस बात के लिए आलोचना हो रही है कि वे अपने मुख्य रूप से रूसी ग्राहकों की मनी लाउंडरिंग को रोकने में विफल रहे हैं.

डीसेलब्लूम ने कहा कि एक प्राइवेट फर्म को साइप्रस के बैंकों की सुरक्षा का आकलन करने के लिए निकोसिया भेजा जा रहा है. उसके द्वारा दी जाने वाली रिपोर्ट साइप्रस और अंतरराष्ट्रीय दाताओं की संधि का हिस्सा होगी. संधि के लिए राष्ट्रपति चुनावों का इंतजार किया जा रहा है. जनमत सर्वेक्षणों के अनुसार इसमें कंजरवेटिव उम्मीदवार निकोस अनस्तासियाडेस के जीतने की संभावना है.

बेल आउट का असर

यूरोपीय आयोग के वित्तीय कमिसार ओली रेन ने साइप्रस को वित्तीय मदद के सिलसिले में खाताधारकों और बॉन्डधारकों को नुकसान पहुंचने के खतरे को कमतर करने की कोशिश की है. उन्होंने कहा, "मैं इतना कह सकता हूं कि कि यूरोपीय संघ का ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है."

Vorort von Nikosia (Zypern)

निकोसिया का बाहरी इलाका

साइप्रस के लिए कई प्रकार के बेलआउट प्लान पर चर्चा हो रही है, लेकिन ग्रीस, आयरलैंड और पुर्तगाल के मुकाबले उसका खर्च कम होने की उम्मीद की जा रही है. वित्त विश्लेषक स्थित पर करीबी नजर रख रहे हैं. स्वर्डफिश रिसर्च के मैनेजिंग डायरेक्टर गैरी जेंकिंस कहते हैं, "हो सकता है कि राजनीतिज्ञ इस पर नाराज हैं कि वहां दरअसल कौन पैसे जमा कर रहा है और चेतावनी का तीर छोड़ना चाहते हैं."

यूरो जोन के पूर्व प्रमुख और लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री जां क्लोद युंकर ने पहले ही साफ कर दिया था कि साइप्रस को ग्रीस की तरह कर्ज में माफी नहीं मिलेगी. यूरो ग्रुप ने बार बार कहा है कि ग्रीस का मामला विशेष मामला था. ग्रीस को दी गई कर्ज माफी से बाजार में काफी असुरक्षा पैदा हो गई थी. इस बीच साइप्रस के वित्त मंत्री शियार्ली ने एक जर्मन अखबार को दिए गए इंटरव्यू में कहा है कि साइप्रस को यूरोपीय साथियों से  ग्रीस जैसी एकजुटता की उम्मीद है. उनका कहना है कि साइप्रस को ग्रीस की तरह कर्ज की माफी नहीं चाहिए, वह फैसला उसके लिए भयानक रहा है. "सिर्फ इसलिए नहीं कि उस फैसले के कारण हमारा एक चौथाई घरेलू उत्पाद मारा गया, हमारी अर्थव्यवस्था चौपट हो गई. मेरे लिए यह सिद्धांत की बात है. कर्ज माफ नहीं किए जा सकते."

इस बीच यूरो पर खतरे बने हुए हैं. मुद्रा बाजार में हाल में यूरो का भाव बढ़ने के बाद यूरोपीय राजधानियों में आशंका व्यक्त की जा रही है कि निर्यात करने वाली कंपनियों के लिए नई मुश्किलें पैदा हो सकती हैं. यूरो का भाव बढ़ने के पीछे उसमें भरोसे का बढ़ना तो है ही, जापान की नई आर्थिक नीति भी है जिसकी वजह से जापानी मुद्रा कमजोर हुई है और यूरो तेज हुई है. इस हफ्ते मॉस्को में होने वाली जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में भी मुद्रा का मुद्दा उठेगा. मुद्रा युद्ध का खतरा बढ़ रहा है.

एमजे/एजेए (डीपीए, एएफपी)

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