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जर्मन चुनाव

मनमोहन कैबिनेट में बस मामूली बदलाव

बड़ी चर्चा और तामझाम के बाद हुआ कैबिनेट में फेरबदल कोई बड़ा बदलाव लेकर नहीं आया है. कुछ को प्रमोशन देकर कुछ दिग्गजों का बोझ घटाया गया है. महंगाई और भ्रष्टाचार पर सरकार के पीछे पड़ा विपक्ष चुप होगा ऐसे आसार नहीं.

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प्रफुल्ल पटेल को भारी उद्योग और सार्वजनिक निगमों की जिम्मेदारी देकर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है जबकि श्रीप्रकाश जायसवाल अब कोयला मंत्रालय में शीर्ष पद संभालेंगे. सलमान खुर्शीद का भी ओहदा बढ़ गया है और अब वो जल संसाधन में कैबिनेट मंत्री बना दिए गए है. सलमान खुर्शीद के पास अल्पसंख्यक मामलों का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा.

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

अजय माकन को युवा और खेल मंत्रालय में राज्यमंत्री बना कर स्वतंत्र जिम्मेदारी दी गई है. इसी कतार में बेनीप्रसाद वर्मा भी हैं जो स्टील मंत्रालय का कार्यभार देखेंगे. केवी थॉमस को उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

राज्यमंत्री

अश्विनी कुमार राज्यमंत्री बनाए गए हैं और उन्हें योजना और संसदीय मामलों के साथ ही विज्ञान, तकनीकी और पृथ्वी विज्ञान का कार्यभार मिला है. के सी वेणुगोपाल ऊर्जा विभाग में राज्य मंत्री बनाए गए हैं.

वीरभद्र सिंह को इस्पात से हटाकर छोटे और मंझले उद्यमों के विभाग का मंत्री बनाया गया है, जबकि विलासराव देशमुख अब भारी उद्योग व सार्वजनिक उद्यमों के बदले ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग के मंत्री होंगे. इस विभाग के अब तक के मंत्री सीपी जोशी को रोड ट्रांसपोर्ट व हाइवेज विभाग सौंपे गए हैं. मुरली देवड़ा पेट्रोलियम विभाग से कंपनी मामलों के विभाग में जाएंगे.

भ्रष्टाचार और महंगाई के संकट से जूझती सरकार ने ये बदलाव चेहरा बदलने के नाम पर किए. कैबिनेट फेरबदल में काम न करने वाले मंत्रियों से ओहदा छीना गया है जबकि बेहतर काम करने वालों को प्रमोशन दिया गया है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे एक छोटा फेरबदल कहते हुए संकेत दिया है कि बजट सत्र के बाद मई के महीने में व्यापक परिवर्तन किए जाएंगे.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः उज्ज्वल भट्टाचार्य

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